Pension Payment Slip: देश के लाखों सिविल पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स के लिए यह एक राहत भरी खबर आई है। पिछले कई महीनों से, पेंशनधारकों को पेंशन पेमेंट स्लिप नहीं मिल पा रही थी, जिसके कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन अब सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। सेंट्रल पेंशन अकाउंटिंग ऑफिस (CPAO) ने सभी अधिकृत बैंकों के सेंट्रल पेंशन प्रोसेसिंग सेंटर्स (CPPCs) को साफ और कड़े निर्देश दिए हैं कि वे हर हाल में बिना किसी चूक के प्रत्येक पेंशनधारक को उनकी मासिक पेंशन क्रेडिट होने के बाद उसकी स्लिप मुहैया कराएं।
क्यों जरूरी होती है मंथली पेंशन स्लिप?
वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्हें लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि बैंकों के CPPCs की तरफ से पेंशन स्लिप नहीं भेजी जा रही हैं। यह सिर्फ एक कागज़ का टुकड़ा नहीं है, बल्कि यह पेंशनभोगियों के लिए उनके वित्तीय नियोजन और रिकॉर्ड रखने का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है। इसी स्लिप में पेंशन की क्रेडिट की गई राशि, अलग-अलग कटौतियां, पेंशन में हुए संशोधन (revisions) और एरियर (बकाया राशि) की पूरी जानकारी दर्ज होती है।
पहले भी जारी हुआ था निर्देश
बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब पेंशन स्लिप अनिवार्य रूप से भेजने के निर्देश दिए गए हैं। व्यय विभाग ने इस समस्या को पहले भी पहचाना था। इसी संबंध में फरवरी 2024 में भी विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए थे। उस समय के आदेश में साफ-साफ कहा गया था कि CPPCs को पेंशन क्रेडिट होने के तुरंत बाद पेंशनभोगियों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS/WhatsApp और ई-मेल के माध्यम से पेंशन स्लिप भेजनी होगी। यह भी हिदायत दी गई थी कि स्लिप का फॉर्मेट और फॉन्ट ऐसा होना चाहिए, जो सभी उम्र के पेंशनभोगियों के लिए पढ़ने में आसान हो। इसके बाद भी शिकायतों का सिलसिला थमा नहीं। ऐसे में CPAO को एक बार फिर अपनी बात दोहरानी पड़ी। इस बार निर्देश अधिक कड़े शब्दों में जारी किए गए हैं।