Personal Loan vs Credit Card EMI: कर्ज भले ही छोटा शब्द हो, लेकिन जब ये इंसान पर चढ़ता है, तो घर तक बिक जाता है। कुछ लोगों को लगता है कि छोटा सा ही तो है चुका देंगे, लेकिन बाद में छोटा-छोटा कर्ज पहाड़ जैसा बड़ा हो जाता है। आज की इस चकाचौंध भरी दुनिया में Buy Now, Pay Later का चलन काफी बढ़ गया है। कर्ज लेना बहुत आसान हो गया है, लेकिन मुश्किल तब शुरू होती है इसे चुकाना आउट ऑफ बजट हो जाता है।
अक्सर ऐसा होता है कि क्रेडिट कार्ड से छोटे-छोटे खर्चे करते-करते आखिर में बड़ा बिल बन जाता है। अब जब उसे चुकाने की बारी आती है तो दुविधा होती है कि क्या इस बिल को कार्ड से ही EMI में बदल दें या फिर पर्सनल लोन लेकर पूरा बिल एक साथ चुका दें और उसकी EMI भरें? आइए समझते हैं कि इन दोनों में से कौन सा विकल्प आपके लिए बेहतर साबित हो सकता है।
क्रेडिट कार्ड की EMI
क्रेडिट कार्ड बनवाना काफी आसान है, लेकिन उसे संभालकर रखना मुश्किल है।कुछ भी खरीदना हो, बस कार्ड स्वाइप किया और काम हो गया। जब महीने के अंत में भारी-भरकम बिल आता है और उसे चुकाने के पैसे नहीं होते,तो बैंक हमें अपने बिल को आसान किस्तों में बदलें। ये सुनने में बहुत अच्छा लगता है कि 1 लाख का बिल है लेकिन आपको हर महीने सिर्फ 5 हजार रुपये देने हैं, लेकिन रुकिए। क्रेडिट कार्ड की EMI पर लगने वाला ब्याज अक्सर 14% से लेकर 24% तक होता है। इसके अलावा, जैसे ही आप बिल को EMI में बदलते हैं, आपकी उतनी क्रेडिट लिमिट ब्लॉक हो जाती है। यानी इमरजेंसी में आप उस कार्ड का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
पर्सनल लोन लेना कितना सही?
पर्सनल लोन कर्ज चुकाने का एक पुराना और भरोसेमंद तरीका है। मान लीजिए आपके पास तीन अलग-अलग क्रेडिट कार्ड हैं और तीनों का बिल बकाया है। आप एक पर्सनल लोन लेते हैं, उन तीनों का हिसाब चुकाते हैं। ऐसा करने से आपको सिर्फ 1 EMI देनी होगी। इसके साथ ही अगर आपका क्रेडिट स्कोर (CIBIL) अच्छा है, तो आपको 10.5% से 15% के आसपास लोन मिल सकता है। क्रेडिट कार्ड के मुकाबले यह सीधा-सीधा आपकी जेब पर पड़ने वाला बोझ आधा कर देता है।
दोनों में से कौन सा ऑप्शन है सही?
मान लीजिए आपको ₹2 लाख का कर्ज चुकाना है और आप इसे 2 साल (24 महीने) में चुकाना चाहते हैं।
क्रेडिट कार्ड EMI (18% ब्याज पर): आपकी मासिक किस्त (EMI) लगभग ₹10,000 होगी और 2 साल में आप करीब ₹40,000 सिर्फ ब्याज के तौर पर देंगे।
पर्सनल लोन (11% ब्याज पर): आपकी किस्त लगभग ₹9,300 होगी और आप ब्याज के रूप में करीब ₹23,000 देंगे। साफ है कि पर्सनल लोन लेकर आप सीधे-सीधे ₹17,000 की बचत कर रहे हैं।