
Jan Dhan Yojana: प्रधानमंत्री जन धन योजना (Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana - PMJDY) की शुरुआत साल 2014 में हुई थी। इस योजना के 10 साल पूरे हो गए हैं। देश भर में खोले गए पीएम जनधन खातों की संख्या तो लगातार बढ़ रही है, लेकिन इनमें से बड़ी संख्या ऐसे खातों की भी है जिनमें लंबे समय से कोई लेन-देन नहीं हुआ है। संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक देश भर में प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY) के तहत खोले गए कुल खातों की संख्या 57.07 करोड़ है। इनमें 15 करोड़ से भी अधिक यानी 26.44% खाते निष्क्रिय पड़े हैं। सरकार ने साफ किया है कि इन खातों को RBI के नियमों के तहत इनऑपरेटिव माना गया है और इनके मैनेजमेंट के लिए पूरी व्यवस्था भी मौजूद है।
यह जानकारी लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने एक लिखित जवाब में दी। बता दें कि भारतीय रिज़र्व बैंक की गाइडलाइंस के तहत, अगर किसी सेविंग्स या करंट अकाउंट में दो साल से ज़्यादा समय तक कस्टमर की तरफ से कोई ट्रांज़ैक्शन नहीं हुआ है, तो उसे इनऑपरेटिव या डोरमेंट अकाउंट माना जाता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लोकसभा में सांसद महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) और जून मलिहा (June Maliah) ने सरकार से प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खोले गए खातों के बारे में कई अहम सवाल पूछे थे। इनमें यह जानकारी मांगी गई थी कि पिछले 5 साल के दौरान किस राज्य में कितने जन धन खाते इनऑपरेटिव (inoperative) यानी निष्क्रिय होने की वजह से बंद हुए हैं। सांसदों ने इन खातों के इन-ऑपरेटिव होने की वजह पूछने के साथ ही साथ यह भी जानना चाहा था कि इनमें कितने खाते ग्रामीण इलाकों के हैं और कितने सेमी-अर्बन यानी अर्ध-शहरी इलाकों के साथ ही उन्होंने यह भी पूछा था कि कितने जनधन खाते ऐसे हैं, जिनमें जमा रकम 500 रुपये से कम है।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने इन सवालों के लिखित जवाब में बताया कि देश में कुल 57.07 करोड़ पीएम जनधन खाते मौजूद हैं, जिनमें से करीब 15.09 करोड़ खाते इनऑपरेटिव श्रेणी में आते हैं। इसका मतलब यह है कि इन खातों में पिछले दो साल या उससे ज्यादा समय से ग्राहक द्वारा कोई लेन-देन नहीं किया गया है। चौधरी ने आगे कहा कि कस्टमर तय KYC ज़रूरतों को पूरा करके किसी भी समय – दस साल की अवधि से पहले या बाद में – इनऑपरेटिव अकाउंट को फिर से एक्टिवेट कर सकते हैं।
सरकार ने बताया कि बंद पड़े या निष्क्रिय खातों की जो जानकारी सरकार के पास उपलब्ध है, उसमें महिलाओं के खातों, ग्रामीण और सेमी-अर्बन क्षेत्रों के खातों के अलग-अलग डिटेल उपलब्ध नहीं है। सरकार ने अपने जवाब में निष्क्रिय या बंद पड़े खातों का राज्यवार (State-wise) ब्योरा भी नहीं दिया है।
प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) सरकार की एक विशेष योजना है, जिसका मकसद देश के हर नागरिक, खासकर गरीब और ग्रामीण इलाकों के लोगों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ना है। इस योजना के तहत जीरो बैलेंस पर बैंक अकाउंट खोला जा सकता है, जिसमें सेविंग्स अकाउंट, पैसे भेजने की सुविधा, बीमा, पेंशन जैसी सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं।
कोई भी व्यक्ति किसी भी सरकारी या प्राइवेट बैंक की शाखा में या बैंक मित्र से जाकर खाता खुलवा सकता है। खाता खोलने के लिए कोई न्यूनतम राशि जमा नहीं करनी होती है। यानी आप जीरो बैलेंस पर भी खाता खुलवा सकते हैं।
1. जमा राशि पर ब्याज मिलता है।
2. 1 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा कवर है।
3. 30,000 का जीवन बीमा, सामान्य शर्तों पर देय है।
4. खाता खोलने पर कोई न्यूनतम बैलेंस जरूरी नहीं पड़ती।
5. सरकार की सभी योजनाओं के पैसे सीधे खाते में ट्रांसफर होते हैं।
6. देशभर में पैसा भेजने की सुविधा मिलती है।
7. 6 महीने तक खाता चलाने पर 5,000 तक का ओवरड्राफ्ट की सुविधा है।
8. पेंशन और बीमा जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं।
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