PM Kisan Yojana: पीएम किसान की किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए सिर्फ लाभार्थी सूची में नाम होना पर्याप्त नहीं है। सरकार ने साफ किया है कि योजना का पैसा पाने के लिए किसान के रिकॉर्ड में लैंड-सीडिंग, बैंक खाते से आधार लिंकिंग और e-KYC जैसी अनिवार्य शर्तें पूरी और सत्यापित होनी चाहिए। अगर इनमें से कोई काम अधूरा है तो किस्त का भुगतान अटक सकता है। यानी अगर PM-KISAN की ₹2,000 वाली किस्त खाते में नहीं आई है, तो सबसे पहले इन तीन चीजों की स्थिति जांचना जरूरी है।
PM-KISAN के तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना ₹6,000 की वित्तीय सहायता दी जाती है। यह रकम तीन बराबर किस्तों में यानी ₹2,000- ₹2,000 करके सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। भुगतान DBT के जरिए आधार से जुड़े बैंक खाते में किया जाता है। इसलिए बैंक खाते और आधार की जानकारी सही होना भुगतान के लिए अहम है।
पहली बड़ी वजह: जमीन की लैंड-सीडिंग
किस्त रुकने की पहली बड़ी वजह लैंड-सीडिंग हो सकती है। इसका मतलब है कि किसान की जमीन से जुड़ी जानकारी योजना के रिकॉर्ड में सही तरीके से दर्ज और सत्यापित हो। सरकार ने हालिया लोकसभा जवाब में साफ कहा है कि PM-KISAN का लाभ पाने के लिए लैंड-सीडिंग जरूरी शर्तों में शामिल है। अगर जमीन का रिकॉर्ड अपडेट नहीं है या योजना के रिकॉर्ड में जरूरी जानकारी पूरी नहीं हुई है, तो भुगतान प्रभावित हो सकता है।
दूसरी वजह: बैंक खाते से आधार लिंक नहीं
दूसरी अहम शर्त बैंक खाते से आधार लिंकिंग है। सरकार के मुताबिक PM-KISAN का भुगतान आधार से जुड़े बैंक खाते में DBT के जरिए किया जाता है। अगर बैंक खाता आधार से सीड नहीं है तो भुगतान प्रोसेस नहीं हो सकता। फरवरी 2026 में सरकार ने लोकसभा में बताया था कि 30,18,361 किसानों के बैंक खाते से आधार सीडिंग लंबित थी। इनमें उत्तर प्रदेश में 10.44 लाख से ज्यादा और बिहार में करीब 1.39 लाख मामले शामिल थे। यानी आधार-बैंक लिंकिंग को नजरअंदाज करना किस्त के लिए भारी पड़ सकता है।
तीसरी वजह: e-KYC अधूरा
तीसरी और बेहद जरूरी शर्त e-KYC है। सरकार ने इसे भी PM-KISAN लाभार्थियों के लिए अनिवार्य किया है। सरकार की PM-KISAN वेबसाइट पर भी साफ लिखा है कि e-KYC अनिवार्य है। पोर्टल पर OTP आधारित e-KYC के साथ बायोमेट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन आधारित विकल्प भी उपलब्ध हैं। इसलिए अगर किसान का e-KYC पूरा नहीं है तो उसे इसे जल्द पूरा करना चाहिए।
कितने किसानों की किस्त इन वजहों से रुकी?
सरकार की ओर से संसद में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक अनिवार्य शर्तें पूरी न होने के कारण भुगतान रोकने के मामलों में लैंड-सीडिंग से जुड़े 16,52,379 लाभार्थी, आधार-बैंक सीडिंग से जुड़े 23,53,748 लाभार्थी और e-KYC से जुड़े 32,94,609 लाभार्थी शामिल थे। इन आंकड़ों से साफ है कि सिर्फ योजना में पंजीकरण करा लेना पर्याप्त नहीं है। भुगतान पाने के लिए रिकॉर्ड और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करना भी जरूरी है।
पैसा अटका है तो क्या करें?
अगर PM-KISAN की किस्त खाते में नहीं आई है तो किसान सबसे पहले योजना के आधिकारिक पोर्टल पर अपना “Know Your Status” चेक कर सकते हैं। इसमें भुगतान की स्थिति, बैंक का नाम, UTR नंबर और खाते में रकम जमा होने की तारीख जैसी जानकारी देखी जा सकती है।
e-KYC कैसे चेक करें?
PM-KISAN की आधिकारिक वेबसाइट पर e-KYC की सुविधा उपलब्ध है। किसान पोर्टल पर जाकर अपना e-KYC स्टेटस देख सकता है और उपलब्ध विकल्प के अनुसार प्रक्रिया पूरी कर सकता है। अगर ऑनलाइन प्रक्रिया में परेशानी आती है तो किसान कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) की मदद भी ले सकते हैं।