
PM Kisan Farmer ID: देश के करोड़ों किसानों की आमदनी दोगुना करने के मकसद से केंद्र सरकार की ओर से पीएम किसान सम्मान निधि चलाई जा रही है। इस योजना के जरिए किसानों को आर्थिक मदद मुहैया कराई जाती है। किसानों को e-KYC कराना पड़ता है, लेकिन अब इससे काम नहीं चलेगा। किसानों को अब फार्मर आईडी बनाना जरूरी है। सरकार का साफ कहना है कि जिन किसानों के पास यूनिक Farmer ID नहीं होगी उनकी आने वाली किस्त रुक सकती है। फार्मर आईडी को लेकर सरकार सख्त हो गई है। 15 मई के बाद जिन किसानों ने फार्मर आईडी नहीं बनवाई है, वो सरकारी योजनाओं का लाभ भूल ही जाएं। बिना फार्मर रजिस्ट्री के न खाद मिलेगी, न पीएम किसान सम्मान निधि योजना जैसी योजनाओं का लाभ मिलेगा।
उत्तर प्रदेश में किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्रेशन अब अनिवार्य कर दिया गया है, लेकिन बड़ी संख्या में किसान अभी भी इस प्रक्रिया से बाहर हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के करीब 82 लाख किसानों ने अब तक अपनी फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है। ऐसे में आने वाले समय में उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं बेचने में बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
राजस्व विभाग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, राज्य सरकार ने किसानों की पहचान और योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ‘फार्मर आईडी’ को जरूरी कर दिया है। इसके बिना किसान न तो सरकारी खरीद केंद्रों पर फसल बेच पाएंगे और न ही उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
यूपी एग्रीस्टैक के मुताबिक अभी तक करीब 85 लाख से ज्यादा ऐसे किसान हैं, जिन्होंने अभी तक फार्मर आईडी नहीं बनाई है। यूपी में अभी तक 71 फीसदी किसानों ने ही यह काम किया है। यूपी सरकार ने किसान रजिस्ट्री को 100 फीसदी पूरा करने के लिए मिशन मोड में व्यापक रणनीति लागू कर दी है। तय योजना के अनुसार 30 अप्रैल 2026 तक किसान रजिस्ट्री का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके लिए प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह सक्रिय कर दी गई है। राज्य सरकार ने फार्मर आईडी बनवाने के लिए हर ग्राम पंचायत में किसान रजिस्ट्री कैंप स्थापित कर रही है, ताकि अधिक से अधिक किसानों को मौके पर ही रजिस्ट्रेशन की सुविधा मिल सके।
फार्मर आईडी एक यूनिक डिजिटल पहचान संख्या है, जो प्रत्येक किसान को दी जाती है। इसमें किसान की जमीन, पहचान और बैंक से जुड़ी जानकारी एकीकृत होती है। इस आईडी के जरिए सरकार यह सत्यापित कर पाती है कि लाभ लेने वाला व्यक्ति वास्तव में किसान है या नहीं। इससे फर्जी लाभार्थियों को हटाने में मदद मिलती है और सरकारी पैसे की बचत होती है। अब कई राज्यों में फार्मर आईडी को पीएम किसान योजना से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
राज्य सरकार फार्मर आईडी बनवावे के लिए किसानों को जागरूक कर रही है। इसके लिए जिलों को निर्देश दिया गया है कि अखबारों में विज्ञापन, लाउडस्पीकर के जरिए घोषणाएं और स्थानीय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही ग्राम प्रधानों और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि अभियान को जन-जन तक पहुंचाया जा सके। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि 15 मई 2026 से खाद, बीज और अन्य कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य कर दी जाएगी।
फार्मर आईडी के लिए प्रशासन पंचायत स्तर में कैंप लगाने वाला है। आपको अपना आधार कार्ड, जमीन के कागज लेकर जाना होगा। वहां अधिकारी आपका फार्मर आईडी बनाने में मदद करेंगे। इसके अलावा आप चाहें तो अपने मोबाइल फोन से भी यह काम कर सकते हैं।
पीएम किसान सम्मान निधि के पैसों के लिए फार्मर आईडी बनवाना महज एक औपचारिकता है। इस कार्ड में किसान का सारा डेटा डिजिटल हो जाता है। उसके पास कितनी जमीन है, कितने पशु हैं, यह सब जानकारी इसमें होगी। इसके अलावा सरकारी योजनाओं के लाभ की जानकारी भी इससे मिल जाएगी।
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