PPF vs RD: PPF और RD में से कौन सी स्कीम आपको पहले बनाएगी मालामाल? जानिए कौन है ज्यादा फायदेमंद

आर्थिक योजना के लिए RD और PPF दोनों महत्वपूर्ण हैं। RD नियमित बचत के लिए उपयुक्त है, जबकि PPF लंबी अवधि की संपत्ति बनाने और टैक्स बचाने में मदद करता है। सही विकल्प आपकी वित्तीय जरूरतों पर निर्भर करता है।

Manali Rastogi
अपडेटेड16 Oct 2025, 04:14 PM IST
PPF vs RD: PPF और RD में से कौन सी स्कीम आपको पहले बनाएगी मालामाल? जानिए कौन है ज्यादा फायदेमंद
PPF vs RD: PPF और RD में से कौन सी स्कीम आपको पहले बनाएगी मालामाल? जानिए कौन है ज्यादा फायदेमंद

अपने वित्त की योजना बनाना और सुरक्षित निवेश विकल्प चुनना लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन के लिए बहुत जरूरी है। रिकरिंग डिपॉज़िट (RD) और पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) ऐसे दो लोकप्रिय निवेश साधन हैं जो भारत में कम जोखिम वाले निवेशकों के लिए बनाए गए हैं।

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जहां RD नियमित मासिक बचत और तय ब्याज दरों पर ध्यान देती है, वहीं PPF एक सरकारी योजना है जो लंबी अवधि की संपत्ति बनाने और टैक्स बचाने में मदद करती है। अगर आप सोच रहे हैं कि आपके आर्थिक लक्ष्यों के लिए कौन सा विकल्प बेहतर है, तो यह पूरा लेख आपकी मदद करेगा।

रिकरिंग डिपॉज़िट (RD) क्या है?

रिकरिंग डिपॉज़िट (RD) एक ऐसी योजना है जिसमें आप हर महीने एक तय राशि निश्चित अवधि तक जमा करते हैं। यह उन लोगों के लिए उपयुक्त है जिनकी आय नियमित है और जो सुरक्षित तरीके से बचत करना चाहते हैं।

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RD की मुख्य विशेषताएं:

  • ब्याज दर: बैंक या संस्था के अनुसार अलग-अलग होती है; ब्याज तिमाही आधार पर कंपाउंड होता है।
  • अवधि: 6 महीने से लेकर 10 साल तक।
  • इन्वेस्टमेंट फ्रीक्वेंसी: हर महीने तय राशि जमा करनी होती है।
  • लिक्विडिटी: जरूरत पड़ने पर बीच में पैसा निकाला जा सकता है, लेकिन उस पर जुर्माना लगता है।
  • टैक्स: RD पर मिलने वाला ब्याज आपकी आय में जुड़ता है और उस पर टैक्स लगता है।
  • रिस्क: बहुत कम, क्योंकि यह बैंक या वित्तीय संस्था द्वारा सुरक्षित होता है।
  • RD छोटे या मध्यम अवधि के लक्ष्यों के लिए बेहतर है जैसे इमरजेंसी फंड बनाना, गाड़ी या मोबाइल खरीदना आदि।

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पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) क्या है?

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) भारत सरकार द्वारा समर्थित एक बचत योजना है, जो खास तौर पर उन लोगों के लिए बनाई गई है जो टैक्स बचाना चाहते हैं और लंबे समय के लिए सुरक्षित रिटर्न चाहते हैं। 15 साल की अवधि और कंपाउंडिंग की ताकत के साथ, यह योजना धीरे-धीरे बड़ी बचत तैयार करने में मदद करती है।

PPF की मुख्य विशेषताएं:

  • ब्याज दर: 7.1% प्रति वर्ष (वार्षिक रूप से कंपाउंड होती है)।
  • अवधि: 15 साल (5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ाई जा सकती है)।
  • इन्वेस्टमेंट लिमिट: न्यूनतम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये प्रति वर्ष।
  • लिक्विडिटी: 5 साल बाद आंशिक निकासी की अनुमति।
  • टैक्स लाभ: जमा राशि, ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी रकम टैक्स-फ्री होती है (सेक्शन 80C के तहत)।
  • रिस्क: बेहद कम, क्योंकि यह सरकारी योजना है।

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RD बनाम PPF: कौन बेहतर है?

आपको RD या PPF में से कौन चुनना चाहिए, यह आपके वित्तीय लक्ष्य और निवेश की अवधि पर निर्भर करता है।

रिकरिंग डिपॉज़िट (RD):

  • यह अल्पकालिक (Short-term) या मध्यम अवधि (Medium-term) के लक्ष्यों के लिए बेहतर है।
  • इसमें आपको हर महीने बचत करनी होती है और निश्चित ब्याज दर मिलती है।
  • लेकिन इस पर टैक्स लगता है और कोई टैक्स छूट नहीं मिलती।

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF):

यह लंबी अवधि के लक्ष्यों, जैसे रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए अधिक फायदेमंद है।

इस पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी की राशि पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है।

हालांकि, 15 साल की लॉक-इन अवधि होने से यह कम लिक्विड है, लेकिन कंपाउंडिंग के कारण यह समय के साथ बड़ा धन बनाता है।

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RD और PPF में मुख्य अंतर

फीचररिकरिंग डिपॉजिटपब्लिक प्रोविडेंट फंड
निवेश का प्रकारबैंक/पोस्ट ऑफिस में जमा योजनासरकारी बचत योजना
अवधि6 महीने से 10 साल तक15 साल (5 साल बढ़ाई जा सकती है)
निवेश राशिहर महीने निश्चित राशिसालाना न्यूनतम 500 रुपये, अधिकतम 1.5 लाख रुपये
ब्याज दरबैंक के अनुसार अलग-अलग (लगभग 6–7%)7.1% (सरकार द्वारा तय)
टैक्स लाभनहीं मिलतासेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट
ब्याज पर टैक्सलागूनहीं लगता
लिक्विडिटी (निकासी)जल्दी निकासी पर जुर्माना5 साल बाद आंशिक निकासी
जोखिम स्तरबहुत कमलगभग शून्य (सरकारी गारंटी)
उपयुक्त निवेश अवधिअल्पकालिक या मध्यम अवधिलंबी अवधि (रिटायरमेंट, बच्चों की पढ़ाई आदि)

अगर आप कम अवधि के लिए सुरक्षित और लचीली बचत चाहते हैं, तो RD सही विकल्प है। लेकिन अगर आपका लक्ष्य लंबी अवधि की संपत्ति बनाना और टैक्स बचाना है, तो PPF बेहतर रहेगा।

(डिस्क्लेमर: ये सलाह सामान्य जानकारी के लिए दी गई है। कोई फैसला लेने से पहले विशेषज्ञ से करें। मिंट हिंदी किसी भी परिणाम के लिए जिम्मेदारी नहीं है।)

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