PPF vs SIP: हर महीने ₹10,000 का निवेश करने पर, 15 साल में कहां बनेगा ज्यादा फंड? जानिए पूरी डिटेल

PPF vs SIP: निवेशक अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार निवेश विकल्पों में चुनाव करते हैं। अगर आप भी SIP और PPF में निवेश को लेकर फैसला नहीं कर पा रहें हैं तो आइये जानते हैं सबसे ज्यादा कहां रिटर्न मिल रहा है।

Jitendra Singh
अपडेटेड18 Mar 2026, 03:54 PM IST
PPF vs SIP: PPF स्कीम का मैच्योरिटी पीरियड 15 साल का होता है।
PPF vs SIP: PPF स्कीम का मैच्योरिटी पीरियड 15 साल का होता है।

PPF vs SIP: आज के समय में भविष्य को सुरक्षित करने के लिए निवेश करना बेहद जरूरी हो गया है। अब, जब भी पैसों को लंबे समय के लिए निवेश करने की बात की जाती है, तो ज्यादातर लोगों के मन में दो ऑप्शन आते हैं- SIP (Systematic Investment Plan) और PPF (Public Provident Fund). दोनों ही निवेश के अच्छे साधन हैं, लेकिन दोनों के फाइनेंशियल गोल्स, जोखिम और रिटर्न एक-दूसरे से काफी अलग हैं। ऐसे में अगर आप भी अपने पैसे को इनवेस्ट करने का सोच रहे हैं और आपके मन में कंफ्यूजन है कि SIP में निवेश करें या PPF, तो ये आर्टिकल आपके लिए मददगार हो सकता है।

वैसे भी निवेश की दुनिया में अक्सर यह सवाल उठता है कि सुरक्षित विकल्प चुना जाए या ज्यादा रिटर्न देने वाले साधनों में पैसा लगाया जाए। खासकर जब बात हर महीने 10,000 के निवेश की हो, तो निवेशक यह जानना चाहते हैं कि 15 साल में कौन सा विकल्प ज्यादा बड़ा कॉर्पस बना सकता है—पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) या सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP)।

SIP और PPF में अंतर

अगर कोई निवेशक लंबे समय तक छोटी-छोटी राशि में निवेश करके एक बड़ा कॉर्पस बनाने का प्लान कर रहे हैं तो, म्यूचुअल फंड SIP उनके लिए एक फायदेमंद निवेश विकल्प हो सकता हैं। इसके तहत निवेश करने पर कंपाउंडिंग का लाभ मिलता है। मोटे तौर पर अगर बाजार की स्थिति सही रहती है तो, निवेशकों को औसतन सालाना 12 फीसदी का रिटर्न मिल सकता हैं। हालांकि, म्यूचुअल फंड SIP बाजार जोखिमों के अधीन होता है, इसलिए रिटर्न में बदलाव भी हो सकता है।

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वहीं SIP की तरह ही PPF भी लंबे समय तक निवेश करने वाले निवेशकों को पसंद आता हैं। पब्लिक प्रोविडेंट फंड का मैच्योरिटि पीरियड 15 साल का होता है। अगर ब्याज दरों की बात करें तो, निवेशकों को अपने निवेश पर 7.1 फीसदी ब्याज मिलता है।

न्यूनतम और अधिकतम निवेश

SIP के ज़रिए निवेश शुरू करने के लिए, कोई भी निवेशक हर महीने महज़ 500 रुपये से शुरुआत कर सकता है। PPF के मामले में, ज़रूरी न्यूनतम निवेश हर वित्तीय वर्ष 500 रुपये है। वहीं SIPs के लिए निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं है। हालांकि, PPF खाते में निवेश की जा सकने वाली अधिकतम राशि सालाना 1.5 लाख रुपये है।

पीपीएफ की ताकत और सीमा

पीपीएफ यानी पब्लिक प्रोविडेंट फंड की बात करें तो यह स्कीम हर किसी के लिए खुली है। चाहे आप नौकरी करते हों, अपना छोटा बिजनेस चलाते हों या घर पर रहते हों, आप किसी भी बैंक या पोस्ट ऑफिस में जाकर अपना पीपीएफ अकाउंट खुलवा सकते हैं। वर्तमान में सरकार इस पर 7.1 फीसदी का सालाना ब्याज दे रही है।

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अगर आप पीपीएफ में भी हर महीने 10 हजार रुपये यानी साल के 1.2 लाख रुपये जमा करते हैं, तो 15 साल बाद आपका फंड करीब 32,54,567 रुपये (लगभग 32.54 लाख) बनेगा। यहां भी आपका कुल निवेश 18 लाख रुपये ही रहेगा, लेकिन ब्याज कम होने की वजह से मैच्योरिटी की रकम ईपीएफ से कम रह जाती है।

SIP Vs PPF

अगर कोई व्यक्ति हर महीने 10 हजार रुपये की SIP 15 सालों के लिए करता है तो, उसका कुल निवेश 18 लाख रुपये हो जाएगा। 12 फीसदी के अनुमानित रिटर्न दर पर यह रकम बढ़कर लगभग 47.59 लाख रुपये हो सकती है। यानी लंबे समय में करीब 29.59 लाख का संभावित लाभ मिल सकता हैं। वहीं, अगर सेम राशि आपने PPF में 15 साल तक जमा किए तो, कुल निवेश 18 लाख और मैच्योरिटी पर यह फंड लगभग 32.54 लाख रुपये का होगा। यानी कि आपको कुल 14.54 लाख रुपये का मुनाफा मिलेगा।

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