साइबर क्राइम की कब्र खोदने की तैयारी, शाह ने सीबीआई और आई4सी को दिया बड़ा निर्देश

आने वाले दिनों में साइबर अपराधियों पर शिंकजा और कसने वाला है। केंद्र सरकार डिजिटल ट्रांजैक्शन में आम आदमी का भरोसा कायम रखने के लिए साइबर क्राइम पर ज्यादा से ज्यादा नकेल कसने को कोशिश में नए-नए कदम उठा रही है।

एडिटेड बाय Naveen Kumar Pandey( विद इनपुट्स फ्रॉम भाषा)
अपडेटेड11 Feb 2026, 05:55 PM IST
साइबर क्राइम पर नकेल कसने की तेजी हुई तैयारी (सांकेतिक तस्वीर)
साइबर क्राइम पर नकेल कसने की तेजी हुई तैयारी (सांकेतिक तस्वीर)

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीबीआई और भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) से एनआईए, ईडी और बैंकों जैसी अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर एक संयुक्त प्रणाली विकसित करने को कहा है। इसका उद्देश्य एक 'समन्वित और अत्यंत सुरक्षित तंत्र' तैयार करना है, ताकि नई तकनीकों का इस्तेमाल कर अपराध करने वाले साइबर अपराधियों से 'दो कदम आगे' रहा जा सके।

हर 37 सेकंड में एक व्यक्ति होता है फ्रॉड का शिकार

गृह मंत्री अमित शाह ने देश में साइबर अपराधों की गंभीरता को रेखांकित करते हुए यह निर्देश मंगलवार को जारी किया। उन्होंने कहा कि भारत के डिजिटल ट्रांजैक्शन की मात्रा और हिस्सेदारी को देखते हुए साइबर अपराध का परिदृश्य चिंताजनक प्रतीत होता है, जिसमें औसतन हर 37 सेकंड में एक व्यक्ति शिकार बन रहा है, और हर घंटे 100 लोग इसका शिकार बन रहे हैं।

राष्ट्रीय सुरक्षा का अभिन्न अंग है साइबर सुरक्षा

शाह ने कहा कि सरकार ने साइबर फ्रॉड की 3,61,000 शिकायतों के माध्यम से 8,189 करोड़ रुपये को सुरक्षित करने में सफलता प्राप्त की। उन्होंने कहा कि अनुमान के मुताबिक, धोखाधड़ी की कुल राशि लगभग 20,000 करोड़ रुपये थी, जिसमें से एजेंसियों ने 8,189 करोड़ रुपये जब्त कर लिए हैं या पीड़ितों को वापस कर दिए हैं।

गृह मंत्री ने कहा, ‘साइबर सुरक्षा अब आर्थिक सुरक्षा तक ही सीमित नहीं है बल्कि अब यह राष्ट्रीय सुरक्षा का अभिन्न अंग बन गई है। अगर हमने पर्याप्त कदम नहीं उठाए होते तो साइबर धोखाधड़ी एक राष्ट्रीय संकट बन गई होती।’

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गृह मंत्री का आदेश- साइबर रिपोर्टिंग कॉल सेंटर 1930 पर तुरंत मिले जवाब

शाह ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और गृह मंत्रालय की साइबर अपराध रोधी इकाई आई4सी द्वारा 'साइबर-आधारित धोखाधड़ी से निपटने और इसके इकोसिस्टम को नष्ट करने' पर आयोजित एक राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया।

उन्होंने राज्य पुलिस से त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए साइबर अपराध रिपोर्टिंग कॉल सेंटर 1930 के प्रबंधन के लिए पर्याप्त कर्मी तैनात करने को कहा ताकि इसमें शामिल राशि को बचाया जा सके। गृह मंत्री ने कहा, 'यदि किसी पीड़ित के फोन का जवाब कई बार घंटी बजने के बाद भी नहीं मिलता है, तब तक उनका पैसा जा चुका होता है। यह कॉल सेंटर 1930 की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।'

म्यूल अकाउंट हंटर सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल बढ़ाने का निर्देश

शाह ने कहा कि सभी निजी, सार्वजनिक और सहकारी बैंकों को साइबर अपराधियों द्वारा धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) से निपटने के लिए भारत सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा संयुक्त रूप से विकसित 'म्यूल अकाउंट हंटर सॉफ्टवेयर' को तुरंत अपनाना चाहिए। गृह मंत्री ने कहा कि 100 करोड़ इंटरनेट यूजर्स, 181 अरब से अधिक यूपीआई ट्रांजेक्शन और 57 करोड़ जन धन खातों के साथ भारत तेजी से साइबर सफल समाज बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, 'इन लेन-देन को सुरक्षित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।'

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साइबर क्राइम रोकने की कई पहल

शाह ने सीबीआई की एक नई साइबर अपराध शाखा का भी उद्घाटन किया और सीबीआई अधिकारियों को पदक प्रदान करने के अलावा, आई4सी के एक राज्य साइबर अपराध समन्वय केंद्र (एस4सी) डैशबोर्ड को भी शुरू किया। सीबीआई डायरेक्टर प्रवीण सूद ने कहा कि साइबर अपराध के केंद्र जामताड़ा, मेवात और भरतपुर से कंबोडिया, थाईलैंड और म्यांमार में शिफ्ट हो गए हैं।

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