दिल्ली के रियल एस्टेट बाजार में एक बड़ा सौदा हुआ है, जहां 450 करोड़ रुपये में एक आलीशान बंगला बिका है। प्रेस्टीज ग्रुप ने दिल्ली के लुटियंस इलाके में एक प्रमुख बंगला लगभग 450 करोड़ रुपये में बेच दिया है। कंपनी ने इस बंगले को 300 करोड़ रुपये में खरीदा था। बेंगलुरु की इस कंपनी ने साल 2023 में दिल्ली के कस्तूरबा गांधी मार्ग पर TDI इंफ्राटेक से एक बंगला खरीदकर बुटीक लग्जरी प्रोजेक्ट डेवलप करने का प्लान बनाया था। लेकिन अप्रूवल में देरी के कारण बेंगलुरु की इस डेवलपर कंपनी को प्रॉपर्टी बेचनी पड़ी। कंपनी को करीब 150 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है।
बता दें कि TDI के पास लुटियंस दिल्ली की यह प्रॉपर्टी थी। इस प्रॉपर्टी का रीडेवलप किया जाना था। शुरुआत में इसे एक जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट के तौर पर स्ट्रक्चर किया गया था, लेकिन बाद में प्रेस्टीज ने इस एसेट को पूरी तरह से खरीद लिया। यह प्रॉपर्टी 5,100 स्क्वायर यार्ड में फैली है।
सूत्रों के हवाले से छपी इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रेस्टीज ने 8-9 बुटीक अपार्टमेंट बनाने का प्लान बनाया था। इसके साथ वह दिल्ली के रेजिडेंशियल मार्केट में एंट्री करने वाली थी। इसमें हर अपार्टमेंट की कीमत करीब '70 करोड़ रुपये या उससे ज़्यादा होती।
इस वजह से प्रेस्टीज ने बेची प्रॉपर्टी
इस मामले की जानकारी रखने वाले एक शख्स ने बताया कि ग्रुप ने इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की पूरी कोशिश की, लेकिन कई पाबंदियों की वजह से लुटियंस दिल्ली में अप्रूवल मिलने में देरी हो रही है। ऐसे में कंपनी ने इस प्रोजेक्ट से बाहर निकलने का प्लान बना लिया। बता दें कि लुटियंस इलाका दिल्ली की सबसे एक्सक्लूसिव रिहायशी जगहों में से एक है, जहाँ राजनेता और जाने-माने बिजनेसमैन रहते हैं। कंपनी ने NCR में गाजियाबाद में अपना पहला रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट लॉन्च किया है और भविष्य में विस्तार के लिए नोएडा और गुड़गांव पर फोकस करेगी।
कंपनी गुड़गांव में खरीदेगी 4 एकड़ जमीन
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रेस्टीज ग्रुप गुड़गांव में 5 एकड़ ज़मीन खरीदने की तैयारी की है। यह खरीद लगभग आखिरी स्टेज में है। कंपनी यहां एक लग्ज़री रेसिडेंशियल प्रोजेक्ट बनाने की तैयारी कर रही है। कस्तूरबा गांधी मार्ग वाली प्रॉपर्टी पर करीब ₹225 करोड़ का लोन था, जिसे प्रेस्टीज ग्रुप ने चुका दिया है। बता दें कि प्रेस्टीज ग्रुप का नोएडा सेक्टर 150 में 2.2 मिलियन-स्क्वायर-फीट का एक रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट भी है। हालांकि स्पोर्ट्स सिटी डेवलपमेंट से जुड़े मुद्दों के कारण यह प्रोजेक्ट लेट हो गया है।