Railway Ticket Cancellation Rule: 8 घंटे बाद कैंसिल की टिकट तो रिफंड मिलेगा 'जीरो', जान लीजिए नए नियम

Railway Ticket New Cancellation Rules: 1 अप्रैल 2026 से रेलवे टिकट कैंसिलेशन के नियम बदल गए हैं। अब 8 घंटे पहले टिकट रद्द नहीं करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा। अलग-अलग समय सीमा के हिसाब से रिफंड तय होगा, जिससे यात्रियों को ज्यादा सतर्क रहना होगा।

Priya Shandilya
अपडेटेड3 Apr 2026, 01:10 PM IST
रेलयात्री ध्यान दें, 8 घंटे बाद कैंसिल की टिकट तो मिलेगा 'जीरो' रिफंड
रेलयात्री ध्यान दें, 8 घंटे बाद कैंसिल की टिकट तो मिलेगा 'जीरो' रिफंड

Railway Ticket New Cancellation Rules 2026: भारतीय रेलवे ने 1 अप्रैल, 2026 से टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की ओर से जारी नए नियमों के मुताबिक, अब आपकी छोटी सी लापरवाही आपकी जेब पर बहुत भारी पड़ने वाली है। चलिए जानते हैं क्या हैं नए नियम।

8 घंटे का 'डेडलाइन' और रिफंड का हिसाब

पुराने नियम के अनुसार, ट्रेन छूटने से 4 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल करने पर कुछ रिफंड मिल जाता था, लेकिन अब इस समय सीमा को बढ़ाकर 8 घंटे कर दिया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आपकी ट्रेन शाम 6 बजे की है, तो आपको सुबह 10 बजे तक हर हाल में फैसला लेना होगा। अगर आप ट्रेन छूटने के 7 घंटे या 5 घंटे पहले टिकट कैंसिल करते हैं, तो रेलवे आपको शून्य रिफंड देगा। चाहे आपने फर्स्ट एसी की टिकट बुक की हो या स्लीपर की, 8 घंटे के अंदर कैंसिलेशन का मतलब है पूरा पैसा डूबना।

कितने समय पहले टिकट कैंसिल करने पर कितना मिलेगा रिफंड?

रेलवे ने रिफंड के अमाउंट को भी पूरी तरह बदल दिया है। अब आपको कितना पैसा वापस मिलेगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि आप ट्रेन छूटने से कितने समय पहले टिकट कैंसिल कर रहे हैं।

  • 72 घंटे से ज्यादा पहले: अगर आप अपनी यात्रा से 3 दिन (72 घंटे) पहले ही टिकट कैंसिल कर देते हैं, तो आपको 100% रिफंड मिलेगा। हालांकि, जो बेसिक कैंसिलेशन चार्ज (जैसे 60 या 120 रुपये) पहले लगते थे, वो अभी भी कटेंगे।
  • 24 से 72 घंटे के बीच: अगर आप ट्रेन छूटने से 1 से 3 दिन के बीच टिकट कैंसिल करते हैं, तो आपको 75% रिफंड मिलेगा। यानी रेलवे आपकी कुल राशि का 25% हिस्सा काट लेगा।
  • 8 से 24 घंटे के बीच: इस दौरान टिकट कैंसिल करने पर आपको केवल 50% रिफंड ही दिया जाएगा। बाकी का आधा पैसा रेलवे के खाते में चला जाएगा।
  • 8 घंटे से कम समय: ऐसे में रिफंड की उम्मीद छोड़ दीजिए। ट्रेन चार्ट बनने या ट्रेन छूटने के 8 घंटे पहले वाली विंडो बंद होते ही आपका रिफंड 0% हो जाएगा।

क्यों बदलना पड़ा नियम?

रेलवे का तर्क है कि आखिरी घंटों में टिकट कैंसिल होने से कई बार सीटें खाली रह जाती हैं, जिससे उन यात्रियों को नुकसान होता है जो वेटिंग लिस्ट में होते हैं। 8 घंटे का समय होने से रेलवे के पास वेटिंग वाले यात्रियों को सीट अलॉट करने का ज्यादा समय होगा। हालांकि, आम आदमी के लिए यह नियम थोड़ा सख्त जरूर है, खासकर उनके लिए जो इमरजेंसी में यात्रा टालते हैं।

यात्रियों को क्या ध्यान रखना चाहिए

अब सबसे जरूरी बात यही है कि आप अपनी यात्रा प्लानिंग पहले से तय करें। अगर थोड़ा भी शक हो कि आप यात्रा नहीं कर पाएंगे, तो समय रहते टिकट कैंसिल कर दें। मोबाइल ऐप या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके समय पर कैंसिलेशन करना अब पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है।

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