भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने फ्लोटिंग रेट होम लोन लेने वाले लाखों ग्राहकों को बड़ी राहत दी है। 29 सितंबर 2025 को जारी Reserve Bank of India (Interest Rate on Advances) (Amendment Directions), 2025 के तहत अब बैंक तीन साल के इंतजार के बिना भी ब्याज दर में कमी कर सकेंगे। यह बदलाव 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी है और इसका सीधा लाभ उन ग्राहकों को मिलेगा जिनका क्रेडिट स्कोर हाल ही में सुधरा है या प्रोफाइल बेहतर हुई है।
पहले 3 साल तक करना होता था इंतजार
पहले बैंकों को किसी भी फ्लोटिंग रेट लोन पर लगाए गए स्प्रेड (Spread) की समीक्षा सिर्फ तीन साल में एक बार करने की अनुमति थी। इसका मतलब था कि अगर ग्राहक का क्रेडिट स्कोर बेहतर भी हो जाए, तब भी उसे ब्याज दर कम होने के लिए तीन साल पूरे होने तक इंतजार करना पड़ता था। अब RBI ने इस बाध्यता को खत्म कर दिया है। यदि ग्राहक का क्रेडिट स्कोर, कर्ज बोझ और पुनर्भुगतान क्षमता में सुधार होता है, तो बैंक ग्राहक संरक्षण और जस्टिफाएबल ग्राउंड्स के आधार पर तुरंत ब्याज दर घटा सकते हैं।
होम लोन की ब्याज दर दो हिस्सों से होती है तय
होम लोन की ब्याज दर दो हिस्सों से तय होती है। एक बाहरी बेंचमार्क (जैसे रेपो रेट, सरकारी बॉन्ड यील्ड) और दूसरा बैंक स्प्रेड। यह स्प्रेड ही वह हिस्सा है जो ग्राहक की जोखिम प्रोफाइल पर निर्भर करता है। यदि जोखिम कम हुआ है, तो स्प्रेड कम होगा और ब्याज दर भी नीचे आएगी। नई व्यवस्था के अनुसार, ग्राहक स्वयं बैंक से स्प्रेड कम करने का अनुरोध कर सकते हैं, जिसके बाद बैंक क्रेडिट असेसमेंट करेगा और सुधार मिलने पर दरें घटा देगा।
ग्राहकों के बचेंगे लाखों रुपए
लंबी अवधि के होम लोन (20-25 वर्ष) में ब्याज दर में 0.25% की भी कटौती लाखों रुपए की बचत करा सकती है। कम EMI या कम लोन टेन्योर; दोनों ही विकल्प ग्राहकों को फायदा पहुंचाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि ये कदम ग्राहकों को समय पर भुगतान, कम कर्ज उपयोग और स्वस्थ क्रेडिट मिक्स बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करेगा। RBI के इस फैसले से होम लोन लेने वालों के लिए ब्याज दरों में पारदर्शिता और लाभ दोनों तेजी से बढ़ेंगे।