RBI MPC Meeting Feb 2026: भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुई ट्रेड ने कूटनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ाने के साथ-साथ देश की मौद्रिक नीति के आउटलुक को भी एक नया मोड दे दिया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनिटरी पॉलिसी मीटिंग आज यानी 4 फरवरी से शुरू हो गई है, जो 6 फरवरी तक चलेगी। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म बैंक ऑफ अमेरिका (BofA) की मुताबिक, सेंट्रल बैंक की तरफ से इस बार ब्याज दरों में किसी भी बदलाव की उम्मीद बहुत कम है।
वेट एंड वॉच की स्ट्रैटजी अपना सकता है RBI
दरअसल, कुछ समय पहले तक एक्सपर्ट्स का यह मानना था कि ग्रोथ रेट को गति देने के लिए RBI एक बार फिर ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती कर सकता है। लेकिन अमेरिका के साथ हुए ऐतिहासिक समझौते ने समीकरण बदल दिए हैं। जब अनिश्चितता कम होती है और ग्रोथ के नए रास्ते खुलते हैं, तो केंद्रीय बैंक अक्सर वेट एंड वॉच की स्ट्रैटजी अपनाते हैं।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर BofA ने कही ये बात
बैंक ऑफ अमेरिका ने अपनी हालिया रिपोर्ट में इस बात का साफ संकेत दिया है कि भारत-अमेरिका डील के बाद अब भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए विकास का दृष्टिकोण काफी हद तक साफ हो चुका है। रिपोर्ट की मानें, तो पहले अमेरिका के साथ ट्रेड चिंताओं को लेकर ब्याज दरों में कटौती की संभावना बनी हुई थी, लेकिन अब यह डील फाइनल हो चुकी है। ऐसे में मार्केट में उत्साह देखा जा रहा है और ग्रोथ को लेकर स्थिति साफ हुई है।
थम सकता है रेपो रेट में कटौती का सिलसिला
एक्सपर्ट्स का कहना है कि RBI ने 2025 में पहले ही रेपो रेट (Repo Rate) में 125 आधार अंकों की बड़ी कटौती कर चुका है, जिससे यह गिरकर 5.25% पर आ चुका है। अब बैंक ऑफ अमेरिका का मानना है कि दरें घटाने का यह सिलसिला फिलहाल थम सकता है। MPC आगामी बैठक में अपने रुख को न्यूट्रल रख सकती है।