Asset Allocation Strategy: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आज अगस्त की नीतिगत बैठक के फैसलों का ऐलान कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट को यथावत रखने का फैसला किया है। यह 5.25% पर ही बरकरार है। वहीं, RBI ने चालू वित्त वर्ष में महंगाई (CPI) के 5% रहने का अनुमान जताया है। ऐसे में निवेशकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी बचत को सुरक्षित रखने और उस पर महंगाई दर से अधिक रिटर्न हासिल करने की है। अगर आपका निवेश 5% से कम रिटर्न दे रहा है, तो वास्तव में आपके पैसे की वैल्यू समय के साथ घट रही है। फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का मनना है कि महंगाई को मात देने का एकमात्र प्रभावी तरीका एक सही और संतुलित एसेट एलोकेशन स्ट्रैटजी है।
इक्विटी में लगाए 50% -60% से पैसा
महंगाई को पछाड़ने में इक्विटी सबसे सक्षम एसेट क्लास मानी जाती है। ऐतिहासिक रूप से, भारतीय शेयर बाजार और लार्ज-कैप या फ्लैक्सी-कैप म्यूचुअल फंड्स ने लॉन्ग टर्म में 12% से 15% का सालाना रिटर्न दिया है। अगर आपकी उम्र 20 से 45 वर्ष के बीच है, तो अपने कुल निवेश का कम से कम 50% से 60% हिस्सा इंडेक्स फंड्स, लार्ज-कैप म्यूचुअल फंड्स या गुणवत्ता वाले शेयरों में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए लगाना चाहिए।
डेट इंस्ट्रूमेंट्स में रखें इतना हिस्सा
इसके साथ ही डेट इंस्ट्रूमेंट्स जैसे FD, कॉर्पोरेट बॉन्ड्स, PPF और डेट म्यूचुअल फंड्स आपके पोर्टफोलियो को स्थिरता और लिक्विडिटी देते हैं। हालांकि, बैंक एफडी का रिटर्न अक्सर कर टैक्स के बाद 5% महंगाई दर के लगभग बराबर ही बैठता है, इसलिए इसमें निवेश का मुख्य उद्देश्य कैपिटल सिक्योरिटी और इमरजेंसी फंड तैयार करना है। पोर्टफोलियो का लगभग 30% हिस्सा इसमें रखें।
गोल्ड में 10-15% एलोकेशन काफी
सोना हमेशा से अनिश्चितता और महंगाई के खिलाफ एक मजबूत सुरक्षा कवच (Hedge) रहा है। जब शेयर बाजार में गिरावट आती है या आर्थिक मंदी का दौर होता है, तब सोने की कीमतें मजबूत होती हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि फिजिकल गोल्ड के बजाय गोल्ड ETFs या गोल्ड म्यूचुअल फंड्स के माध्यम से 10% से 15% एलोकेशन बनाए रखें।
Disclaimer: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि निवेश संबंधी कोई फैसला लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञ से सलाह लें, क्योंकि बाजार की स्थितियां तेजी से बदल सकती हैं और हालात अलग-अलग हो सकते हैं। मिंट हिंदी आपके किसी भी निर्णय और उसके परिणाम के लिए तनिक भी जिम्मेदार नहीं है।