भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) आने वाले समय में आम जनता और बाजार को बड़ी राहत दे सकता है। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) की एक ताजा रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अगली एमपीसी मीटिंग में रेपो रेट को कम किया जा सकता है। अगर महंगाई के मोर्चे पर राहत जारी रही, तो ब्याज दरों में कमी का सिलसिला आगे भी बना रहेगा।
रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती संभव
यूनियन बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, आरबीआई अपनी अगली मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (एमपीसी) की बैठक में रेपो रेट को 25 बेसिस पॉइंट तक घटा सकता है। इस कटौती के बाद रेपो रेट कम होकर 5 प्रतिशत के स्तर तक आ सकता है। बैंक का मानना है कि केंद्रीय बैंक अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए यह कदम उठा सकता है।
महंगाई में गिरावट बनी मुख्य वजह
रिपोर्ट में कहा गया है कि आरबीआई ने कई बार कीमतों पर दबाव कम होने और महंगाई में गिरावट का जिक्र किया है। इसी सकारात्मक रुख के कारण ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ी है। रिपोर्ट का अनुमान है कि रेट कट का यह आखिरी दौर फरवरी या अप्रैल 2026 में देखने को मिल सकता है, जिससे कर्ज सस्ता होने की संभावना है।
सोने की कीमतों का महंगाई पर असर
यूबीआई की रिपोर्ट में एक दिलचस्प आंकड़ा दिया गया है। इसमें कहा गया है कि अगर महंगाई के आंकड़ों में से सोने की वजह से पड़ने वाले 50 बेसिस पॉइंट के असर को हटा दिया जाए, तो कीमतों का दबाव और भी कम नजर आता है। इसका मतलब है कि असल महंगाई आरबीआई के लक्ष्य के काफी करीब है।
2026 तक मिल सकती है अंतिम राहत
भले ही कटौती की शुरुआत जल्द हो जाए, लेकिन रिपोर्ट बताती है कि अंतिम 25 बेसिस पॉइंट की कटौती फरवरी या अप्रैल 2026 तक टाली जा सकती है। यह फैसला पूरी तरह से उस समय की आर्थिक स्थिति और महंगाई के आंकड़ों पर निर्भर करेगा। इस कदम से देश की आर्थिक ग्रोथ को काफी मजबूती मिलने की उम्मीद है।