
Rule Change: नया साल सिर्फ कैलेंडर बदलने का नाम नहीं होता, बल्कि इसके साथ हमारी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई नियम भी बदल जाते हैं। दिसंबर का महीना जल्द ही खत्म होने वाला है। साल 2026 की शुरुआत होते ही देश में बैंकिंग, टैक्स, राशन कार्ड, किसानों की योजनाएं, गैस की कीमतें, डिजिटल पेमेंट, सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और कई दूसरी सुविधाओं से जुड़े नए नियमों में बदलाव हो सकता है।
नए साल में नौकरीपेशा लोगों और टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत मिल सकती है। सबसे बड़ी चर्चा 8वें वेतन आयोग को लेकर है। उम्मीद जताई जा रही है कि 1 जनवरी 2026 से इसे लागू किया जा सकता है, जिससे सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की इनकम में जबरदस्त इजाफा होगा। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, सैलरी में 20 से 35 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है। जहां 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, वहीं अब इसे बढ़ाकर 3.0 तक किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
अगर आप साल 2026 में कार खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपको ज्यादा पैसे खर्च करना पड़ सकता है। इसकी वजह ये है कि जनवरी 2026 से कार कंपनियां कार की कीमत बढ़ाने जा रही हैं। Honda अपनी गाड़ियों की कीमत 1 से 2 फीसदी का इजाफा कर सकती है। वहीं Nissan 3 फीसदी और MG 2 फीसदी तक दाम में बढ़ोरी की तैयारी कर रही है। BYD की Sealion 7, नए साल में महंगी हो जाएगी। वहीं Mercedes-Benz ने कारों की कीमत में 2 फीसदी इजाफे की तैयारी की है। BMW की कारें भी 3 फीसदी तक महंगी हो सकती हैं।
2026 में बैंकिंग और इनकम टैक्स से जुड़े कई नियम बदल सकते हैं। इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्म में बदलाव किया जा सकता है। अब ज्यादा डेटा आधारित जानकारी देनी पड़ सकती है। क्रेडिट स्कोर अपडेट नियम, अप्रैल 2026 से क्रेडिट स्कोर सिर्फ 7 दिनों में अपडेट हो जाएगा, जबकि पहले इसमें 15 दिन लगते थे। SBI और अन्य बैंकों ने लोन की ब्याज दरों और एफडी रेट्स में बदलाव किया है, जिसका असर 2026 में दिखेगा।
भविष्य निधि यानी ईपीएफओ (EPFO) के नियमों में हो रहा बदलाव निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए किसी उपहार से कम नहीं है। अब पीएफ का पैसा निकालना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। पुरानी 13 अलग-अलग शर्तों की जगह अब निकासी के नियमों को केवल तीन मुख्य श्रेणियों अनिवार्य जरूरतें, घर से जुड़े खर्च और विशेष परिस्थितियां में बांटा गया है। इससे मेडिकल इमरजेंसी या शादी के लिए पैसा निकालते समय बेवजह की कागजी कार्रवाई से छुटकारा मिलेगा।
नए साल में रसोई और सफर का खर्च कुछ कम हो सकता है। यूनिफाइड टैरिफ सिस्टम में बदलाव के चलते सीएनजी (CNG) और पीएनजी (PNG) की कीमतों में गिरावट की संभावना जताई जा रहीहै। एक रिपोर्ट के अनुसार, सीएनजी 2.50 रुपये प्रति किलो तक और पीएनजी 1.80 रुपये तक सस्ती हो सकती है। हालांकि, प्रदूषण को देखते हुए बड़े शहरों में पुरानी पेट्रोल-डीजल गाड़ियों और कमर्शियल वाहनों पर सख्ती बढ़ाई जाएगी, जिससे लॉजिस्टिक्स सेवाओं पर असर पड़ सकता है।
सोशल मीडिया को लेकर भी सख्ती बढ़ रही है। ऑस्ट्रेलिया और मलेशिया जैसे देशों की तरह अब 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर सख्त नियम लागू किए जा रहे हैं। आने वाले समय में भारत में भी इससे जुड़े नियम देखने को मिल सकते हैं।
हर महीने की पहली तारीख को LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा होती है। दिसंबर में कमर्शियल सिलेंडर के दाम 10 रुपये घटाए गए थे। 1 जनवरी 2026 से घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में भी कटौती की उम्मीद है, जिससे आम परिवारों को राहत मिल सकती है।
1 जनवरी 2026 से REITs (रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट) को म्यूचुअल फंड द्वारा इक्विटी के रूप में माना जाएगा। इससे रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश बढ़ने की उम्मीद है। छोटे निवेशकों को भी फायदा मिलेगा।
उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में किसानों के लिए ID बनाई जा रही है। PM किसान योजना (PM Crop Insurance Scheme) के तहत किस्त पाने के लिए ये ID जरूरी होंगी। PM फसल बीमा योजना के तहत, किसानों को अब जंगली जानवरों से फसल को हुए नुकसान का मुआवजा मिलेगा, बशर्ते नुकसान की रिपोर्ट 72 घंटे के अंदर की जाए।
1 जनवरी 2026 तक अगर आपने पैन कार्ड को आधार से लिंक नहीं किया, तो आपका पैन कार्ड निष्क्रिय हो सकता है। बैंक लेनदेन, इनकम टैक्स रिटर्न और अन्य वित्तीय कामों में दिक्कत आ सकती है।
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