Rupee at Record Low: इतिहास में पहली बार इतना नीचे गिरा रुपया, ₹90 के करीब पहुंची कीमत,आपकी जेब पर पड़ेगा असर?

Rupee Hit Record Low: सोमवार, 1 दिसंबर को डॉलर के मुकाबले रुपया 89.83 के स्तर पर आ गया। कुछ हफ्तों पहले रुपया ने 89.49 के लेवल पर रिकॉर्ड लो बनाया था

Shivam Shukla
अपडेटेड1 Dec 2025, 01:31 PM IST
Rupee Hit Record Low
Rupee Hit Record Low

Rupee Hit Record Low on 1 December: भारतीय रुपया सोमवार, 1 दिसंबर को अमेरिकी डॉलर (US Doller) के मुकाबले इतिहास के सबसे नीचले स्तर पर पहुंच गया। यह खबर आने के बाद शेयर बाजार लाल निशान में चला गया। डॉलर के मुकाबले रुपया 89.83 के स्तर पर आ गया। कुछ हफ्तों पहले रुपया ने 89.49 के लेवल पर रिकॉर्ड लो बनाया था, जो आज टूट गया है। यह खबर देश की अर्थव्यवस्था में कुछ बड़े बदलाव की तरफ संकेत कर रही है। इसका सीधा असर आम आदमी पर पड़ सकता है।

मजबूत GDP ग्रोथ का रुपया पर कोई असर नहीं

एक तरफ भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत आर्थिक वृद्धि की इशारा कर रहा है। वहीं, दूसरी तरफ रुपया लगातार कमजोर हो रहा है। यह बात थोड़ी चौंकाने वाली है। दरअसल, आमतौर पर अच्छे इकोनॉमी ग्रोथ से किसी भी देश की करेंसी मजबूत होती है। हाल ही में जारी हुए डेटा के अनुसार, देश की वास्तविक जीडीपी (Real GDP) ग्रोथ दूसरी तिमाही में 8.2% रही, जो उम्मीद से कहीं ज्यादा थी। लेकिन, इस अच्छी खबर का रुपये पर कोई खास असर नहीं दिखा।

यह भी पढ़ें | Vedanta के इस मल्टीबैगर स्टॉक में लगातार 5वें दिन उछाल

इस लिए नहीं रुपया को मिल रही राहत

बैंकर्स और इकोनॉमिस्ट्स का मानना है कि इस मजबूती के बावजूद रुपये को इसलिए राहत नहीं मिल रही है, क्योंकि भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कोई खास प्रोग्रेस नहीं दिख रहा है। टैरिफ टेंशन भी विदेशी निवेशकों का भरोसा को तोड़ रहे हैं।

कोटक सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी हेड अनिनद्या बनर्जी ने कहा कि देश की वास्तविक जीडीपी ग्रोथ तो मजबूत है, लेकिन सांकेतिक जीडीपी ग्रोथ (Nominal GDP Growth) काफी धीमी है, जो कई सालों के निचले स्तर पर है।

यह भी पढ़ें | सोने ने फिर लगाई छलांग, चांदी ₹1200 हुई महंगा, आखिर क्यों नहीं थम रही तेजी?

क्या होती है सांकेतिक जीडीपी?

सांकेतिक जीडीपी वह ग्रोथ होती है, जिसमें महंगाई को समायोजित नहीं किया जाता है। दूसरी तिमाही में यह ग्रोथ सिर्फ 8.7% रही, जो वास्तविक ग्रोथ (8.2%) के काफी करीब है। कोटक बैंक की उपासना भारद्वाज ने कहा कि एक अंक वाली सांकेतिक जीडीपी ग्रोथ अभी भी बाजार की धीमी अंडरलाइन एक्टिविटी की ओर इशारा करती है।

रुपये का गिरना सीधे तौर पर हमारी आयात लागत (Import Costs) को बढ़ाएगा। तेल, इलेक्ट्रॉनिक सामान, और विदेश में पढ़ाई जैसी चीजें महंगी हो जाएंगी। यह हर आम नागरिक की जेब पर असर डालेगा।

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

बिजनेस न्यूज़मनीRupee at Record Low: इतिहास में पहली बार इतना नीचे गिरा रुपया, ₹90 के करीब पहुंची कीमत,आपकी जेब पर पड़ेगा असर?
More
बिजनेस न्यूज़मनीRupee at Record Low: इतिहास में पहली बार इतना नीचे गिरा रुपया, ₹90 के करीब पहुंची कीमत,आपकी जेब पर पड़ेगा असर?