Money Saving Tips: आजकल महंगाई के दौर में हर तरफ कीमतें आसमान छू रही हैं, लेकिन असली खेल हमारी अपनी आदतों का है,जो हमें धीरे-धीरे कंगाल बना रही हैं। सोचिए,रोज के सिर्फ ₹100 अगर बचा लिए जाएं, तो साल के अंत तक लाखों रुपये आपकी जेब में हो सकते हैं। हालांकि, हम छोटे-छोटे खर्चों को नजरअंदाज कर देते हैं और यही हमारी सबसे बड़ी गलती है। आज हम आपको बताएंगे उन आदतों के बारे में, जो आपकी जेब पर चुपचाप हल्का कर रहे हैं।
OTT सब्सक्रिप्शन
काफी लोगों ने Netflix, Prime Video, Hotstar, Spotify का सब्सक्रिप्शन ले रखा है, लेकिन महीने में 1-2 बार ही खोलते हैं। इन ऐप्स में ऑटो-डेबिट चालू रहता है और सालाना ₹5,000 से ₹15,000 ऐसे ही निकल जाते हैं।
बाहर का खाना
कुछ लोगों में ऑफिस लंच,वीकेंड डिनर, Zomato-Swiggy ये सब आदत बन चुकी है। एक बार का बिल लगभग ₹300 होता है, लेकिन टैक्स और डिलीवरी चार्ज जोड़कर ये आसानी से ₹400 तक पहुंच जाता है। अगर हफ्ते में तीन बार बाहर से खाना मंगाया जाए, तो महीने का खर्च करीब ₹5,000 और साल का खर्च सीधे ₹60,000 तक पहुंच जाता है। यानी स्वाद के चक्कर में जेब ढीली हो रही है।
क्रेडिट कार्ड के छुपे चार्जेस
क्रेडिट कार्ड हमें अक्सर फ्री लगते हैं,लेकिन असली खेल इनके छुपे हुए चार्जेस में है। अगर लेट पेमेंट हो जाए तो ₹500 से ₹1,000 तक का जुर्माना लग जाता है। इसके अलावा, रिवॉल्विंग क्रेडिट पर हर महीने करीब 3% ब्याज देना पड़ता है, जो सालाना लगभग 36% तक पहुंच जाता है। कैश विदड्रॉल करने पर भी 2.5% का अतिरिक्त चार्ज जुड़ जाता है। इन सबको जोड़ा जाए, तो साल के अंत में ₹10,000 या उससे भी ज्यादा का बिल बन जाता है।
'Sale' में शॉपिंग का जाल
ऑनलाइन सेल में 50-60% OFF का बैनर देखते काफी लोग अपना कार्ट भर लेते हैं, लेकिन सच्चाई ये है कि इनमें से ज्यादातर चीजों की हमें असल में जरूरत ही नहीं होती है। अगर हर महीने इस आदत पर ₹2,000 खर्च हो जाए, तो साल भर में ₹24,000 ऐसे ही उड़ जाते हैं।