RBI EMI Reduction: मिडिल क्लास और EMI का बहुत पुराना नाता रहा है। हर बार भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक से लोगों को ईएमआई कम होने की उम्मीद रहती है। इस महीने भी आरबीआई की मीटिंग होने वाली है। ऐसे में करोड़ों लोगों के मन में यही सवाल है कि क्या उनकी ईएमआई कम होगी? हालांकि MPC की मीटिंग से पहले SBI की रिसर्च रिपोर्ट आई है, जिसने करोड़ों लोगों की उम्मीद पर पानी फेर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल RBI के Repo Rate में कटौती करने की संभावना काफी कम है। ऐसे में होम लोन की EMI में तत्काल राहत मिलने के आसार भी नजर नहीं आ रहे हैं।
रिपोर्ट में बताया गया कि जुलाई के दौरान 35 अरब डॉलर की कैपिटल इनफ्लो हुई, जिससे 24 जुलाई तक भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 12.5 अरब डॉलर बढ़ गया है। ऐसे में रिपोर्ट का मानना है कि RBI रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं कर सकती है। बता दे कि RBI की अगली MPC की बैठक 3 से 5 अगस्त के बीच होगी और 5 अगस्त को ही नीतिगत फैसलों की घोषणा की जाएगी।
होम लोन वालों पर क्या पड़ेगा असर?
अगर आरबीआई की बैठक में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया, तो नए और पुराने, दोनों तरह के होम लोन ग्राहकों की EMI कम नहीं होगी। हालांकि जिन ग्राहकों का लोन External Benchmark Linked Rate (EBLR) से जुड़ा है, उनकी EMI भविष्य में Repo Rate बदलने पर जल्दी प्रभावित होती है।
क्या आगे चलकर मिल सकती है राहत?
अगर आने वाले महीनों में महंगाई फिर से RBI के लक्ष्य के करीब आती है, कच्चे तेल की कीमतें स्थिर रहती हैं, तो आरीबाई रेपो रेट में कटौती करने पर विचार कर सकती है। हालांकि, अभी आरबीआई का रेपो रेट 5.25% पर है। इसी दर के आधार पर कई बैंक अपने होम लोन की ब्याज दरें तय करते हैं।
अब क्या करें होम लोन वाले?
अगर आपकी EMI फिलहाल नहीं घटती है तो घबराने की जरूरत नहीं है। आप कुछ अन्य विकल्पों पर विचार कर सकते हैं।