
SBI Small Cap Fund: हर बड़ा निवेश एक छोटे कदम से शुरू होता है, और SBI स्मॉल कैप फंड ने इस बात को साबित कर दिया है। जिसने भी इस फंड में ₹10,000 की SIP शुरू की थी, आज उसका पैसा ₹1.4 करोड़ तक पहुंच चुका है।
SBI स्मॉल कैप फंड ने पिछले 5, 10 और 15 सालों में औसतन 18% से ज्यादा का वार्षिक रिटर्न दिया है। यही नहीं, SBI म्यूचुअल फंड की सभी इक्विटी स्कीम्स में ये फंड 10 और 15 साल के चार्ट्स पर टॉपर बनकर उभरा है। भले ही इसे Value Research ने सिर्फ 2-स्टार रेटिंग दी हो, लेकिन इसके रिटर्न बाकी सबको पीछे छोड़ देते हैं। 16 साल से अधिक पुराने इस फंड ने लॉन्च के बाद से एकमुश्त निवेश को 17 गुना तक बढ़ाया है।
SBI स्मॉल कैप फंड को सितंबर 2009 में लॉन्च किया गया था। तब से अब तक इसने लगभग 19.35% का एनुअल रिटर्न दिया है। अगर किसी ने लॉन्च के वक्त ₹1 लाख लगाए होते, तो आज उसकी वैल्यू करीब ₹17.42 लाख होती।
| अवधि | वार्षिक रिटर्न | निवेश राशि | मौजूदा वैल्यू |
|---|---|---|---|
| लॉन्च से अब तक | 19.35% | ₹1 लाख | ₹17.42 लाख |
| 15 साल | 18.70% | — | — |
| 10 साल | 18.34% | — | — |
| 5 साल | 24.29% | — | — |
(Source: Fact Sheet)
वैल्यू रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, जो निवेशक हर महीने ₹10,000 SIP कर रहे थे, उनके ₹20.2 लाख अब बढ़कर ₹1.40 करोड़ हो चुके हैं। यानी 20.43% का वार्षिक रिटर्न, जो कई बड़े फंड्स को पीछे छोड़ देता है।
SBI स्मॉल कैप फंड का फोकस मुख्य रूप से स्मॉल कैप कंपनियों पर होता है। इसमें 65% से ज्यादा निवेश इसी कैटेगरी में किया जाता है। बाकी पैसा बड़े और मिड-कैप शेयरों, डेब्ट इंस्ट्रूमेंट्स या मनी मार्केट में लगाया जाता है। फंड बॉटम-अप अप्रोच अपनाता है यानी कंपनी की फंडामेंटल स्ट्रेंथ देखकर ही निवेश करता है, न कि मार्केट के मूड पर।
इस फंड के पोर्टफोलियो में कई शानदार कंपनियां शामिल हैं। फैक्ट शीट के रिपोर्ट के अनुसार, इसके पोर्टफोलियो में Ather Energy, SBFC Finance, E.I.D-Parry (भारत), Kalpataru Projects International, KIMS, City Union Bank, Navin Fluorine International, Doms Industries, K.P.R. Mill, Chalet Hotels और Kajaria Ceramics जैसी कंपनियां शामिल हैं।
फैक्ट शीट के अनुसार SBI स्मॉल कैप फंड के पोर्टफोलियो में सबसे ज्यादा हिस्सा फाइनेंशियल सर्विसेज (13.40%) सेक्टर का है। इसके बाद कैपिटल गुड्स (10.87%), कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (9.33%), FMCG (8.90%), कंज्यूमर सर्विसेज (8.70%), केमिकल्स (8.09%), ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स (7.03%), कंस्ट्रक्शन (6.90%), सोवरेन (2.65%) और हेल्थकेयर (2.42%) सेक्टर में निवेश किया गया है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, न कि मिंट के। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से जांच करें।