SEBI Rule Change: म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए सेबी का आया नया नियम, जानिए कब से होगा लागू

Gold Silver ETF valuation SEBI 2026: पूंजी बाजार नियामक सेबी ने गुरुवार को म्यूचुअल फंड स्कीम्स के तहत भौतिक रूप से रखे गए सोने और चांदी की मूल्यांकन व्यवस्था में संशोधन किया। इसके तहत शेयर बाजारों द्वारा सर्वेक्षण के आधार पर जारी हाजिर मूल्यों का उपयोग मूल्य निर्धारण के लिए अनिवार्य कर दिया गया है।

Naveen Kumar Pandey
पब्लिश्ड26 Feb 2026, 08:36 PM IST
 सेबी ने म्यूचुअल फंड के लिए जारी किया दिशानिर्देश।
सेबी ने म्यूचुअल फंड के लिए जारी किया दिशानिर्देश।(iStock)

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण सर्कुलर जारी किया है, जो देश के लाखों गोल्ड ईटीएफ और सिल्वर ईटीएफ निवेशकों को सीधे प्रभावित करेगा। सेबी ने तय किया है कि 1 अप्रैल, 2026 से म्यूचुअल फंड स्कीम्स में रखे भौतिक सोने और चांदी की वैल्यूएशन के लिए लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन (LBMA) की एम फिक्सिंग प्राइसेज की जगह भारतीय शेयर बाजारों द्वारा प्रकाशित पोल्ड स्पॉट प्राइस का इस्तेमाल किया जाएगा।

अब तक क्या होता था?

अभी तक गोल्ड ईटीएफ और सिल्वर ईटीएफ में रखे भौतिक सोने-चांदी की कीमत एलबीएमए (लंदन की एक अंतरराष्ट्रीय संस्था) द्वारा तय सुबह 10.30 बजे की फिक्सिंग प्राइस के आधार पर होती थी। इसमें मुद्रा रूपांतरण (करेंसी कन्वर्जन), परिवहन लागत, सीमा शुल्क, टैक्स और अन्य शुल्कों को समायोजित करके घरेलू मूल्य निर्धारित किए जाते हैं। यह एक जटिल और अप्रत्यक्ष प्रक्रिया थी, जिसमें कई बार घरेलू बाजार की वास्तविक कीमतें सटीक रूप से नहीं झलकती थीं।

नया नियम क्या कहता है?

सेबी के नए नियम के तहत तहत सोने-चांदी का मूल्य निर्धारण के लिए शेयर बाजारों द्वारा सर्वेक्षण के आधार पर जारी हाजिर मूल्यों का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है। यानी अब सोने-चांदी की वैल्यूएशन उन स्पॉट प्राइस के आधार पर होगी जो भारत के मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों नैशनल स्टॉक्स एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर फिजिकली डिलीवर्ड गोल्ड और सिल्वर डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स के सेटलमेंट के लिए प्रकाशित किए जाते हैं।

इस नई प्रक्रिया को 'पोल्ड स्पॉट प्राइस मैकेनिज्म' कहा जाता है। यह नियम सेबी (म्यूचुअल फंड्स) विनियमन, 2026 के नियम 22(9) और नियम 63(9) के तहत लागू होगा। म्यूचुअल फंड को मैनेज करने वाली संस्था एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI), सेबी के परामर्श से इस विषय में यूनिफॉर्म पॉलिसी भी तैयार करेगी।

नामप्राइस (26 फरवरी, 2026)बदलाव (%)
Nippon Gold ETF (GOLDBEES)130.48-0.92%
ICICI Pru Gold ETF135.01-1.00%
SBI Gold ETF134.67-0.81%
HDFC Gold ETF134.86-0.83%
Kotak Gold ETF131.48-0.94%
Tata Gold ETF15.29-0.78%
Axis Gold ETF131.64-0.90%
UTI Gold ETF132.85-0.71%
Mirae Asset Gold ETF153.38-0.74%
Aditya Birla Gold ETF138.61-0.96%
Zerodha Gold ETF (GOLDCASE)24.84-0.88%
DSP Gold ETF153.27-0.86%
Motilal Oswal Gold ETF155.6-0.64%
Edelweiss Gold ETF157-0.82%
LIC Gold ETF14,157.75-1.09%
Invesco India Gold ETF13,718.45-0.90%
Quantum Gold ETF130.87-0.82%
Groww Gold ETF15.39-1.16%
BNP Paribas Gold ETF152.3-0.91%
Union Gold ETF155.2-0.10%
360 One Gold ETF153.25-0.94%
Angel One Gold ETF14.73-0.61%
Choice Gold ETF156.51-0.70%
The Wealth Company Gold ETF156.73-0.53%

आम निवेशक के लिए इसका क्या मतलब है?

1. NAV अब भारतीय बाजार को सही तरीके से दर्शाएगी

मान लीजिए आपने एसबीआई गोल्ड ईटीएफ या निप्पॉन इंडिया गोल्ड ईटीएफ में निवेश किया है। अभी तक आपके फंड की एनएवी लंदन के एलबीएमए प्राइस पर आधारित होती थी, जिसे बाद में डॉलर से रुपये में बदला जाता था और उसमें कस्टम ड्यूटी वगैरह जोड़ी जाती थी।

इस प्रक्रिया में घरेलू सोने की कीमत और ईटीएफ की एनएवी के बीच कभी-कभी अंतर आ जाता था। नए नियम के बाद, आपकी एनएवी सीधे उस कीमत पर आधारित होगी जो भारतीय एक्सचेंज पर उस दिन सोने या चांदी की है। यह वैसा ही है जैसे आप खुद बाजार जाकर सोना खरीदते हैं और उसी दिन की कीमत पर सौदा होता है।

यह भी पढ़ें | सेबी के सर्वे में हुआ बड़ा खुलासा, MF के बारे में सिर्फ 63% लोगो को है मालूम

2. पारदर्शिता बढ़ेगी

चूंकि भारतीय स्टॉक एक्सचेंज सेबी की निगरानी में काम करते हैं और उन्हें कड़े नियमों का पालन करना होता है, इसलिए पोल्ड स्पॉट प्राइस अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद होगी।

3. सभी गोल्ड या सिल्वर ईटीएफ की वैल्यूएशन में एकरूपता आएगी

अभी अलग-अलग एएमसी अलग-अलग तरीके से एलबीएमए प्राइस में समायोजित करती थीं, जिससे एक ही अंडरलाइंग एसेट के लिए अलग-अलग NAV हो सकती थी। नई व्यवस्था में सभी फंड हाउसों की एनएवी एक ही बेंचमार्क पर आधारित होगी, जिससे तुलना करना आसान होगा।

4. ETF और उसकी अंडरलाइंग एसेट के बीच का गैप कम होगा

मान लीजिए एक दिन मुंबई के बाजार में 10 ग्राम सोना 1,50,000 रुपये का है, लेकिन उस दिन की एलबीएमए कीमत के आधार पर गोल्ड ईटीएफ की एनएवी 1,49,000 बन रही है। इस 1,000 रुपये के अंतर की वजह से निवेशकों को सही रिटर्न नहीं मिल पाता। नए नियम से यह गैप काफी हद तक कम हो जाएगा।

नामप्राइस (26 फरवरी, 2026)बदलाव (%)
Nippon Silver ETF (SILVERBEES)246.06-2.84%
ICICI Pru Silver ETF256.71-2.81%
HDFC Silver ETF246.03-2.77%
SBI Silver ETF251.06-3.10%
TATA Silver ETF24.94-2.96%
Aditya Birla Silver ETF256.57-2.83%
Kotak Silver ETF249.55-3.08%
Axis Silver ETF255.96-2.59%
DSP Silver ETF247.93-2.96%
UTI Silver ETF248.22-2.88%
Edelweiss Silver ETF256.57-3.17%
Zerodha Silver ETF26.12-2.83%
Motilal Oswal Silver ETF254.76-2.65%
Mirae Asset Silver ETF250.76-3.03%
Groww Silver ETF25.2-2.78%
360 ONE Silver ETF254.24-2.24%

किन निवेशकों पर पड़ेगा असर?

यह बदलाव उन सभी निवेशकों को प्रभावित करेगा जिन्होंने-

  • गोल्ड ईटीएफ में निवेश किया है, जैसे HDFC Gold ETF, ICICI Prudential Gold ETF, SBI Gold ETF आदि।
  • सिल्व ईटीएफ में निवेश किया है, जैसे Nippon India Silver ETF, ICICI Prudential Silver ETF आदि।
  • सोना, फंड ऑफ फंड्स में निवेश किया है जो गोल्ड ईटीएफ में निवेश करते हैं।

क्या कोई जोखिम भी है?

यह बदलाव मूल रूप से सकारात्मक है, लेकिन निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि स्पॉट प्राइस अधिक अस्थिर हो सकता है। चूंकि यह सीधे घरेलू बाजार से जुड़ा होगा, इसलिए एनएवी में उतार-चढ़ाव थोड़ा अधिक दिख सकता है। शुरुआती कुछ दिनों में एनएवी में मामूली बदलाव होगा, फिर जैसे-जैसे फंड हाउस नई प्रणाली में स्थानांतरित होंगे, एनएी में थोड़ा समायोजन हो सकता है।

निवेशकों को क्या करना चाहिए?

अभी के लिए निवेशकों को कोई तत्काल कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है। यह बदलाव स्वचालित रूप से 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगा। हां, अगर आप गोल्ड या सिल्वर ईटीएफ में निवेश की योजना बना रहे हैं, तो यह अच्छा समय है क्योंकि आने वाली प्रणाली अधिक पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल होगी।

यह भी पढ़ें | LIC Mutual Fund NFO: आज खुल रहा है LIC का नया टेक्नोलॉजी फंड

सेबी का इरादा क्या?

सेबी का यह कदम भारतीय बाजार को वैश्विक मानकों के करीब लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। म्यूचुअल फंड एडवाइजरी कमिटी(MFAC) में हुई चर्चाओं और सभी हितधारकों से सार्वजनिक परामर्श के बाद यह निर्णय लिया गया है। इससे यह स्पष्ट है कि सेबी घरेलू बाजार की वास्तविकताओं को म्यूचुअल फंड निवेशकों के अनुभव में बेहतर ढंग से शामिल करना चाहता है।

मुख्य बातें (Key Takeaways)

सेबी ने 26 फरवरी 2026 को एक अहम सर्कुलर जारी किया है।

1 अप्रैल 2026 से Gold और Silver ETF की वैल्यूएशन के लिए LBMA की कीमतों की जगह भारतीय स्टॉक एक्सचेंज द्वारा प्रकाशित पोल्ड स्पॉट प्राइस का उपयोग होगा।

इससे निवेशकों को मिलने वाली NAV घरेलू बाजार की वास्तविक कीमतों को बेहतर ढंग से दर्शाएगी।

Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के लिए है। निवेश करने से पहले किसी प्रमाणित विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। मिंट हिंदी आपके किसी भी निर्णय और उसके परिणाम के लिए तनिक भी उत्तरदायी नहीं है।

Get Latest real-time updates

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

होममनीSEBI Rule Change: म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए सेबी का आया नया नियम, जानिए कब से होगा लागू
More