पिछले कुछ सालों में म्यूचुअल फंड की तरफ निवेशकों का रुझान काफी तेजी से बढ़ा है। लेकिन इसके साथ ही सावधानी बरतना भी बेहद जरूरी है। म्यूचुअल फंड में पैसा लगाते वक्त निवेशकों को हमेशा सही प्लेटफॉर्म और सही जानकारी के साथ ही आगे बढ़ाना चाहिए। अगर आपको किसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) से कोई दिक्कत है, तो उसे सुलझाने के लिए नियम बहुत साफ हैं। आइए विस्तार से जानते हैं।
केवल रजिस्टर्ड फंड्स में ही करें निवेश
सुरक्षित निवेश के लिए सबसे पहले सही कंपनी का चुनाव करना चाहिए। निवेशकों को केवल उन्हीं म्यूचुअल फंडों के साथ लेनदेन करें जो सेबी (SEBI) के पास रजिस्टर्ड हैं। किसी भी फंड हाउस की सच्चाई जानने के लिए आप सेबी की आधिकारिक वेबसाइट (www.sebi.gov.in/intermediaries.html) पर जाकर उनका विवरण देख सकते हैं। यहां वेरिफिकेशन करने से आपके साथ धोखाधड़ी की गुंजाइश कम हो जाती है।
समस्या होने पर कहां करें संपर्क?
अगर आपको अपने निवेश को लेकर कोई समस्या आती है, तो सबसे पहले संबंधित एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) से बात करें। हर कंपनी में एक निवेशक संबंध अधिकारी (Investor Relations Officer) होता है, जिसका काम आपकी समस्याओं को सुनना है। आप अपनी शिकायत सीधे उनके पास दर्ज करा सकते हैं ताकि मामला शुरुआती स्तर पर ही सुलझ सके।
SCORES पोर्टल पर ऐसे दर्ज कराएं शिकायत
अगर AMC आपकी समस्या का सही समाधान नहीं करती है, तो आप सेबी के SCORES पोर्टल (https://scores.sebi.gov.in/) का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जहां निवेशक सीधे सेबी के पास अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इस पोर्टल की सबसे बड़ी खूबी यह है कि आप अपनी शिकायत दर्ज करने के बाद उसका स्टेटस भी ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं।
'Smart ODR' भी शिकायत दर्ज कराने का विकल्प
कई बार ऐसा होता है कि निवेशक AMC या SCORES पोर्टल से मिले जवाब से पूरी तरह संतुष्ट नहीं होते। ऐसी स्थिति के लिए Smart ODR (https://smartodr.in/login) की सुविधा उपलब्ध है। यह एक आधुनिक डिजिटल विकल्प है, जहां आप अपनी शिकायत को आगे बढ़ा सकते हैं और विवाद का निष्पक्ष समाधान पा सकते हैं।