नई दिल्ली: बाजार नियामक सेबी ने म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए प्रक्रिया को आसान बनाने का फैसला किया है। सेबी ने कहा है कि अब डिमैट खाते में रखी गई म्यूचुअल फंड यूनिट से भी नियमित निकासी (एसडब्ल्यूपी) और निवेश स्थानांतरण (एसटीपी) के लिए पहले से निर्देश दिए जा सकेंगे।
म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए बड़ी सुविधा
अभी तक यह सुविधा केवल उन निवेशकों को मिलती थी, जिनकी यूनिट 'स्टेटमेंट ऑफ अकाउंट' (एसओए) रूप में होती थीं और वे म्यूचुअल फंड योजनाएं संचालित करने वाली एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (एएमसी) या उनके एजेंटों के जरिए यह सुविधा लेते थे। अभी तक डिमैट में म्यूचुअल फंड यूनिट रखने वाले निवेशकों को हर बार अलग से प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी।
MF निवेशकों के लिए SWP और STP होगा आसान
सेबी ने शुक्रवार को जारी अपने सर्कुलर में कहा, 'कारोबारी सुगमता के लिए यह तय किया गया है कि डिमैट में रखी गईं म्यूचुअल फंड यूनिट्स के लिए भी एसडब्ल्यूपी और एसटीपी का स्थायी निर्देश देने की सुविधा शुरू की जाए।'
सेबी के इस फैसले से अब निवेशक पहले से तय कर सकेंगे कि वे एसडब्ल्यूपी यानी हर महीने या तय समय पर कितनी यूनिट बेचकर पैसा निकालना चाहते हैं या एसटीपी यानी एक योजना से दूसरी योजना में इन्वेस्टमेंट ट्रांसफर करना चाहते हैं। इससे बार-बार आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी।
दो फेज में लागू होगी नई व्यवस्था
यह व्यवस्था दो चरणों में लागू होगी। पहले चरण में यूनिट के आधार पर निकासी या ट्रांसफर की सुविधा मिलेगी। दूसरे चरण में तय रकम के आधार पर यह सुविधा शुरू होगी। सेबी ने डिपॉजिटरी संस्थानों को इस व्यवस्था को लागू करने की जिम्मेदारी दी है। यूनिट आधारित सुविधा 31 जनवरी, 2027 तक और राशि आधारित सुविधा 30 अप्रैल, 2027 तक शुरू करने का निर्देश दिया गया है।