Airtel Payments Bank chairperson: एयरटेल पेमेंट्स बैंक के चेयरमैन पद पर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सुनील भारती मित्तल अब इस जिम्मेदारी से हटेंगे और उनकी जगह शबनम सिन्हा नई चेयरपर्सन बनेंगी। ये बदलाव 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगा।
बोर्ड और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) दोनों ने शबनम सिन्हा की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। उन्हें तीन साल के कार्यकाल के लिए ये जिम्मेदारी सौंपी गई है। फिलहाल शबनम सिन्हा एयरटेल पेमेंट्स बैंक के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक के तौर पर काम कर रही हैं। वे बोर्ड की फ्रॉड मॉनिटरिंग से जुड़ी विशेष समिति की अध्यक्षता करती हैं, और रिस्क मैनेजमेंट व आईटी कमेटी की सदस्य भी हैं।
कौन हैं शबनम सिन्हा?
शबनम सिन्हा को डेवलपमेंट फाइनेंस, फाइनेंशियल सर्विसेज, पब्लिक पॉलिसी और संस्थागत बदलाव के क्षेत्र में तीन दशक से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने वर्ल्ड बैंक के साथ भी काम किया है, जहां उन्होंने एशिया, अफ्रीका और यूरोप की सरकारों और संस्थाओं को गवर्नेंस, रिस्क मैनेजमेंट और कामकाजी मामलों में सलाह दी हैं। फाइनेंशियल इनक्लूजन और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में भी उनका अनुभव काफी गहरा रहा है, जो एयरटेल पेमेंट्स बैंक की आगे की रणनीति के लिए अहम माना जा रहा है।
चेयरपर्सन बनाए जाने पर शबनम सिन्हा ने कहा कि ये उनके लिए सम्मान की बात है कि ऐसे समय में उन्हें ये जिम्मेदारी मिली है, जब डिजिटल फाइनेंशियल सर्विसेज भारत की समावेशी विकास यात्रा की रीढ़ बनती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि बैंक ने टेक्नोलॉजी और सुलभ बैंकिंग को साथ लाकर एक भरोसेमंद संस्था बनाई है और वे बोर्ड व मैनेजमेंट टीम के साथ मिलकर बैंक की अगली ग्रोथ स्टेज पर काम करने को लेकर उत्साहित हैं।
साल 2016 से सुनील भारती थे नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन
सुनील भारती मित्तल अप्रैल 2016 में एयरटेल पेमेंट्स बैंक के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बने थे। एक दशक के इस कार्यकाल में बैंक रेवेन्यू के लिहाज से भारत का सबसे बड़ा पेमेंट्स बैंक बन गया, और कंज्यूमर व एंटरप्राइज दोनों सेगमेंट में इसकी मजबूत पकड़ बनी। मित्तल 30 सितंबर को बोर्ड छोड़ेंगे।
एयरटेल बना देश का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल बैंक
आंकड़ों की बात करें तो आज एयरटेल पेमेंट्स बैंक के एयरटेल थैंक्स ऐप के जरिए हर महीने 12.1 करोड़ से ज्यादा एक्टिव यूजर्स जुड़ते हैं, जबकि करीब 3 करोड़ ग्राहकों के बैंक अकाउंट हैं। बैंक का बैंकिंग पॉइंट्स नेटवर्क 5 लाख से ज्यादा है, जो देश का सबसे बड़ा नेटवर्क है और देश के चार में से तीन गांवों तक पहुंचता है। बैंक देश का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल बैंक और UPI ऑटोपे प्लेयर भी बन चुका है।
कारोबारी नतीजों के लिहाज से भी बैंक के लिए ये साल अच्छा रहा। वित्त वर्ष 2026 में बैंक का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 73 फीसदी बढ़कर 109 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष में 63 करोड़ रुपये था। इस दौरान रेवेन्यू भी 2,709 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,207 करोड़ रुपये पहुंच गया। ग्राहकों का कुल बैलेंस भी 26 फीसदी बढ़कर 4,612 करोड़ रुपये हो गया।