Silver price crashes: जनवरी का महीना कीमती धातुओं के लिए ऐतिहासिक रहा है। सिल्वर और गोल्ड दोनों ने रिकॉर्ड स्तर छुए, लेकिन शुक्रवार 30 जनवरी को बाजार ने करवट ली। डॉलर के मजबूत होने से सिल्वर की कीमतों में 6% की गिरावट आई, वहीं गोल्ड भी नीचे फिसला। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल है कि क्या यह खरीदारी का सही मौका है?
MCX पर चांदी 6% लुढ़की, रिकॉर्ड से काफी नीचे
शुक्रवार, 30 जनवरी को MCX पर चांदी की कीमतों में करीब 6% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। चांदी फिसलकर ₹3,75,900 प्रति किलो पर आ गई, जबकि एक दिन पहले यानी 29 जनवरी को यह ₹4,20,048 प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थी। इस तरह चांदी अब अपने ऑल-टाइम हाई से 10% से ज्यादा या ₹44,000 से अधिक नीचे आ चुकी है। हालांकि दिलचस्प बात यह है कि इतनी गिरावट के बावजूद चांदी जनवरी महीने में अब भी ऐतिहासिक तेजी की ओर बढ़ रही है।
ग्लोबल मार्केट में चांदी का क्या है भाव?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी की चाल थोड़ी सुस्त रही। स्पॉट सिल्वर 0.2% गिरकर $115.83 प्रति औंस पर आ गया, जबकि गुरुवार को यह $121.64 के नए रिकॉर्ड स्तर को छू चुका था। इसके बावजूद, चांदी ने इस महीने अब तक करीब 62% की जबरदस्त बढ़त दर्ज की है, जो इसे अब तक का सबसे मजबूत महीना बना रही है।
चांदी की कीमतों पर डॉलर और फेड का असर
आज की गिरावट की सबसे बड़ी वजह डॉलर इंडेक्स का मजबूत होना रहा। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया, जिससे डॉलर को सहारा मिला। फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने संकेत दिया कि महंगाई अभी भी 2% के लक्ष्य से ऊपर है। इसके अलावा, अमेरिका में जॉबलेस क्लेम्स घटने और भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने की खबरों ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया।
सोना भी फिसला
सोने की कीमतों में भी आज गिरावट देखी गई। स्पॉट गोल्ड 0.9% टूटकर $5,346.42 प्रति औंस पर आ गया, जबकि एक दिन पहले यह $5,594.82 के रिकॉर्ड स्तर पर था। इसके बावजूद, जनवरी में सोना अब तक 24% से ज्यादा चढ़ चुका है, जो 1980 के बाद का सबसे बड़ा मासिक उछाल माना जा रहा है। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स हालांकि 1.3% बढ़कर $5,390.80 पर ट्रेड करते दिखे।
अन्य धातुओं का हाल
अन्य कीमती धातुओं में स्पॉट प्लैटिनम 0.9% गिरकर $2,606.15 पर आ गया, जबकि पैलेडियम 0.5% चढ़कर $2,016.69 पर पहुंच गया।
एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं
VT Markets के ग्लोबल स्ट्रैटेजी ऑपरेशंस लीड रॉस मैक्सवेल का कहना है कि मौजूदा माहौल सुरक्षित निवेश के लिए अब भी अनुकूल बना हुआ है। डॉलर अगर सीमित दायरे में रहता है, तो सोना-चांदी को इसका फायदा मिल सकता है।
वहीं Augmont की रिसर्च हेड रेनिशा चेनानी के मुताबिक, सोने में $5,800–6,000 ( ₹1,87,000–1,95,000) तक जाने की क्षमता है, जबकि $5,200–5,020 ( ₹1,60,000) के पास मजबूत सपोर्ट दिख रहा है। चांदी की बात करें तो $118 ( ₹4,05,000) के ऊपर मजबूती आने पर $125–130 ( ₹4,30,000–4,50,000) तक के स्तर दिख सकते हैं, जबकि $110 ( ₹3,75,000) अहम सपोर्ट माना जा रहा है।
आज की गिरावट भले ही बड़ी दिखे, लेकिन लंबी अवधि के नजरिये से सोना और चांदी अब भी मजबूत कहानी पेश कर रहे हैं। ऐसे में यह गिरावट घबराने की नहीं, बल्कि सोच-समझकर रणनीति बनाने की जरूरत का संकेत देती है।