Silver Price Record High 2025: आज से 25 साल पहले यानी 2000 में सुरक्षित निवेश का मतलब केवल बैंक एफडी या सोना खरीदना होता था। उस दौर में चांदी को केवल इंडस्ट्रीयल मेटल माना जाता था। इसे लोग वेल्थ क्रिएशन का जरिए नहीं मानते थे, लेकिन 25 साल बाद स्थिति एकदम उलट हो गई है। साल 2025 में चांदी ने सबको चौंका दिया है। यह निवेशकों को 130 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दे चुकी है, जो सोना और शेयर बाजार से बहुत अधिक है।
25 साल में चांदी ने दिया 26 गुना रिटर्न
अगर किसी निवेशक ने साल 2000 में लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट की सोच से चांदी में केवल 1,000 रुपये भी लगाए होते, तो आज उस निवेश की वैल्यू बढ़कर 26,455 रुपये हो गई होती। यानी पिछले ढाई दशकों में आपकी कैपिटल 26 गुना से भी ज्यादा बढ़ चुकी होती। डेटा के मुताबिक, साल 2000 में भारत में चांदी की औसत कीमत करीब 7,900 रुपये प्रति किलोग्राम थी। वहीं, आज यही चांदी 2.16 लाख रुपये प्रति किलोग्राम हो चुकी है। यह 2,600% से अधिक का शानदार रिटर्न है, जो यह साबित करता है कि लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट में मुनाफा होता है।
उथल-पुथल में चांदी ने पोर्टफोलियो को किया स्टैबल
पिछले 4 दशक का इतिहास देखें, तो जब-जब शेयर बाजार में गिरावट आई या महंगाई बढ़ी, चांदी ने एक भरोसेमंद हेज के रूप में काम किया। निवेशक अक्सर गोल्ड को संकट का रक्षक मानते हैं, लेकिन चांदी ने भी मुश्किल समय में पोर्टफोलियो को स्टैबल किया है। 2000 के दशक में आई डॉट-कॉम गिरावट हो, 2008 में ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस, कोरोना महामारी की अनिश्चितता या हालिया जियो-पॉलिटिकल टेंशन हो, चांदी ने हर दौर में अपनी चमक बरकरार रखी है।
आज चांदी ने बनाया नया रिकॉर्ड
बता दें कि आज यानी 23 दिसंबर को चांदी ने अपना नया ऑलटाइम हाई बनाया। यह मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 1.7% की बढ़ोतरी के साथ 2,16,596 रुपये प्रति किलो के लेवल पर पहुंच गई। वहीं, ग्लोबल मार्केट में स्पॉट सिल्वर पहली बार 70 डॉलर प्रति औंस के ऑलटाइम हाई पर पहुंची। आज की तेजी के पीछे कई प्रमुख कारण हैं। दरअसल, अमेरिका ने वेनेजुएला पर दबाव बढ़ा दिया है और डॉलर इंडेक्स में कमजोरी ने भी कीमतों को सपोर्ट किया। मालूम हो कि चांदी ने 2025 में 140% का रिटर्न दिया है, जबकि सोना ने 76% का मुनाफा दिया है।