चांदी की इतनी खरीदारी हुई कि सूख गए दुनियाभर के बाजार, 1980 के हंट ब्रदर्स जैसा बन गया था माहौल, क्या थी वह घटना?

इस दिवाली की तैयारी में सोशल मीडिया हाइप और फियर ऑफ मिसिंग आउट (FOMO) ने लाखों लोगों को चांदी खरीदने के लिए प्रेरित किया। लिहाजा, लंदन, शंघाई और मुंबई जैसे बाजारों में इन्वेंटरी सूख गई।

Shivam Shukla
पब्लिश्ड20 Oct 2025, 04:28 PM IST
चांदी की इतनी खरीदारी हुई कि सूख गए दुनियाभर के बाजार
चांदी की इतनी खरीदारी हुई कि सूख गए दुनियाभर के बाजार

इस बार चांदी की इतनी खरीदारी हुई कि दुनिया भर के बाजार सूख गए। साल 1980 के हंट ब्रदर्स जैसा माहौल बन गया था। इस दिवाली की तैयारी में सोशल मीडिया हाइप और फियर ऑफ मिसिंग आउट (FOMO) ने लाखों लोगों को चांदी खरीदने के लिए प्रेरित किया। लिहाजा, लंदन, शंघाई और मुंबई जैसे बाजारों में इन्वेंटरी सूख गई। लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन ने इसे रियल सप्लाई कमी बताया। फिजिकल सिल्वर पर प्रीमियम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए। भारत में 2025 में इंपोर्ट घटा , जिससे हाजिर बाजार में रिकॉर्ड प्रीमियम देखा गया।

क्या है 1980 की हंट ब्रदर्स घटना?

दरअसल, 1970 के दशक में दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी अमेरिका एक बड़े बदलाव से गुजर रही थी। राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने 1971 में गोल्ड स्टैंडर्ड खत्म कर दिया, जिससे अमेरिकी डॉलर अब सोने से नहीं जुड़ा रहा। महंगाई ने आम लोगों की जेब पर असर डालना शुरू किया और आर्थिक अस्थिरता गहराने लगी। ऐसे समय में अमेरिका के दो अमीर कारोबारी भाइयों- नेल्सन बंकर हंट और विलियम हर्बर्ट हंट ने चांदी पर एक खतरनाक दांव लगाया। शुरुआत में यह सुरक्षित निवेश की तरह था, लेकिन लालच और कंट्रोल मंशा ने इसे सट्टेबाजी में तब्दील कर दिया।

10 साल में मार्केट पर कंट्रोल

साल 1973 से लेकर 1979 तक हंट ब्रदर्स ने चांदी की रिकॉर्ड मात्रा खरीदारी शुरू की। उन्होंने न केवल फिजिकल सिल्वर खरीदी, बल्कि फ्यूचर्स में भी बड़े लेवल पर डील की। साल 1979 तक उनके पास लगभग 20 करोड़ औंस चांदी थी, जो ग्लोबल नॉन- गवर्नमेंट सिल्वर स्टॉक का लगभग एक तिहाई था।

कीमतों में 2,500% का भारी उछाल

इसका नतीजा ये हुआ कि ग्लोबल सप्लाई प्रभावित होने लगी और कीमतों में भारी उछाल आने लगा। 1973 में जो चांदी 1.95 डॉलर प्रति औंस थी, वो जनवरी 1980 तक 50 डॉलर के करीब पहुंच गई। यह 2,500% का उछाल था। निवेशकों में अफरातफरी मच गई। सभी लोग चांदी में पैसा लगाने लगे। लेकिन हंट ब्रदर्स ने ये सारा खेल कर्ज पर खेला था। उन्होंने चांदी को गिरवी रखकर लोन लिए और कुछ विदेशी पार्टनशिप से भी सपोर्ट हासिल किया। यह उनकी सबसे बड़ी ताकत थी, लेकिन यही उनके पतन का वजह भी बना।

सख्त नियमों से लगा बड़ा झटका

दरअसल, हंट ब्रदर्स के खेल पर US रेगुलेटरी की नजर पड़ी। कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन (CFTC) और शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड (CBOT) को मार्केट में गड़बड़ी भनक लगने लगी। जनवरी 1980 में इन संस्थानों ने नए नियम लागू किए। मार्जिन की शर्तें कड़ी कर दी गईं और 'लिक्विडेशन ओनली' का आदेश जारी किया। मतलब अब चांदी खरीदना के बजाय केवल बेची ही सकती थी। नियमों में सख्ती ने मार्केट की कमर तोड़ दी। डिमांड में भारी गिरावट आई और चांदी की कीमतें गिरने लगीं। ऐसे में हंट ब्रदर्स ने जिन होल्डिंग्स पर लोन लिया था, उनकी कीमतें मार्जिन कॉल्स पूरा नहीं हो कर पाईं।

यह भी पढ़ें | दिवाली के दिन खूब हुई खरीदारी, सेंसेक्स-निफ्टी में 0.5% का उछाल
यह भी पढ़ें | Muhurat Trading 2025: पिछले 10 सालों में कैसा रहा मुहूर्त ट्रेडिंग पर कारोबार

'सिल्वर थर्सडे' पर 50% गिर गई कीमत

इसके बाद 27 मार्च 1980 को चांदी की कीमत 21 डॉलर से सीधे 11 डॉलर प्रति औंस के नीचे आ गई। इस दिन को 'सिल्वर थर्सडे' नाम से याद किया जाता है। इस दौरान एक ही दिन में कीमत 50% गिर गई। हंट ब्रदर्स तबाह हो गए और उनके वित्तीय संस्थानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा।

ऐसा हुआ हंट ब्रदर्स का अंत

'सिल्वर थर्सडे' के बाद हंट ब्रदर्स पर लीगल एक्शन शुरू हुआ। 1988 में वे दिवालिया घोषित कर दिए गए। साल 1989 में उन पर 10 मिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया गया और उन्हें कमोडिटी ट्रेडिंग से बैन कर दिया गया। उनके पास जो संपत्ति थी, सब बिक गई। इस घटना ने ग्लोबल फाइनेंशियल सिस्टम को झकझोर कर रख दिया।

इस घटना के बाद हुए कई सुधार

इस घटना के बाद नियामकों ने कई सुधार किए। एक्सचेंजों पर पोजिशन लिमिट्स लागू हुईं, मार्जिन नियम सख्त किए गए और पारदर्शिता बढ़ाई गई। यह घटना एक बड़ा सबक बन गई कि बाजार को लंबे समय तक कोई भी व्यक्ति काबू में नहीं रख सकता।

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

बिजनेस न्यूज़मनीचांदी की इतनी खरीदारी हुई कि सूख गए दुनियाभर के बाजार, 1980 के हंट ब्रदर्स जैसा बन गया था माहौल, क्या थी वह घटना?
More
बिजनेस न्यूज़मनीचांदी की इतनी खरीदारी हुई कि सूख गए दुनियाभर के बाजार, 1980 के हंट ब्रदर्स जैसा बन गया था माहौल, क्या थी वह घटना?
OPEN IN APP