Silver price today: चांदी की कीमतों ने इस हफ्ते नया रिकॉर्ड बना दिया है। दिल्ली में चांदी का भाव ₹2,36,350 प्रति किलो तक पहुंच गया, जो शुक्रवार को ₹9,350 की बड़ी छलांग के साथ दर्ज हुआ।
कुछ ही दिनों में जबरदस्त तेजी
अगर पिछले कुछ दिनों पर नजर डालें, तो चांदी की कीमतों में तेजी और साफ दिखती है। बीते चार कारोबारी सत्रों में चांदी करीब ₹32,250 प्रति किलो महंगी हुई है। 19 दिसंबर को जहां इसका भाव करीब ₹2,04,100 था, वहीं अब यह नई ऊंचाई पर पहुंच गई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का भी असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी ने इतिहास रच दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर पहली बार $75 प्रति औंस के पार चला गया और $75.63 पर बंद हुआ। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ग्लोबल स्तर पर मजबूत मांग और सीमित सप्लाई के चलते चांदी में यह उछाल देखने को मिल रहा है।
सालभर में कितने बढ़े चांदी के भाव?
2024 के अंत में चांदी का भाव ₹89,700 प्रति किलो था। 2025 में यह ₹1,46,650 यानी 163.5% की भारी बढ़त दिखा चुका है। एनरिच मनी के सीओ पोनमुडी आर ने चांदी की कीमतों पर बात करते हुए कहा, “MCX पर चांदी का भाव ₹2,40,935 प्रति किलो तक पहुंच गया है। पिछले हफ्ते में करीब ₹30,000 की तेज बढ़त हुई है और कीमतें नए रिकॉर्ड स्तर पर हैं।"
साल 2026 में क्या और बढ़ेगी कीमत?
कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि चांदी की तेजी अभी थमी नहीं है। वेंचुरा के हेड ऑफ कमोडिटी एंड सीआरएम एनएस रामास्वामी के अनुसार, आने वाले समय में चांदी में और 18% तक की बढ़त देखने को मिल सकती है। औद्योगिक मांग, सीमित सप्लाई और वैश्विक आर्थिक हालात इसकी कीमतों को सहारा दे रहे हैं।
सोना बनाम चांदी: किसमें निवेश बेहतर?
रामास्वामी का मानना है कि सोना और चांदी को अलग-अलग नजरिए से देखना चाहिए- एक ट्रेडर की सोच और एक निवेशक की सोच। दोनों में से किसी एक का चुनाव इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी जोखिम उठाने की क्षमता कितनी है।
उन्होंने समझाया कि सोने में निवेश का मतलब है ज्यादा स्थिरता और संपत्ति को सुरक्षित रखना, क्योंकि सोना एक सुरक्षित विकल्प माना जाता है। वहीं चांदी में ग्रोथ की संभावना ज्यादा है, लेकिन उतार-चढ़ाव भी ज्यादा रहता है, इसलिए इसे ट्रेडर ज्यादा पसंद करते हैं।
चांदी की कीमतें अक्सर तेजी से ऊपर-नीचे होती हैं, जबकि सोना धीरे-धीरे और स्थिर तरीके से बढ़ता है। इसी वजह से दोनों का मिश्रण रखना बेहतर माना जाता है। सही चुनाव आपके निवेश की अवधि, जोखिम सहने की क्षमता और वित्तीय लक्ष्य पर निर्भर करता है।
रामास्वामी ने यह भी कहा कि सोना पिछले 10 साल से बुल रन में है, जबकि चांदी करीब साढ़े पांच साल से रैली में है और अभी उसे काफी दूरी तय करनी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, न कि मिंट के। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से जांच करें।