SIP vs SSY: बेटी की उच्च शिक्षा, करियर और भविष्य की वित्तीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए समय रहते निवेश शुरू करना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। भारत में माता-पिता के बीच दो निवेश विकल्प सबसे अधिक लोकप्रिय हैं—सुकन्या समृद्धि योजना और म्यूचुअल फंड SIP।
दोनों योजनाओं के अपने-अपने फायदे हैं। एक तरफ सुकन्या समृद्धि योजना सरकार की बचत योजना है, जबकि दूसरी तरफ SIP बाजार से जुड़ा निवेश विकल्प है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि कोई व्यक्ति 15 वर्षों तक हर महीने ₹12,500 निवेश करे तो किस विकल्प में बड़ा फंड तैयार हो सकता है।
क्या है सुकन्या समृद्धि योजना?
सुकन्या समृद्धि योजना केंद्र सरकार की छोटी बचत योजनाओं में शामिल है। यह विशेष रूप से बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। इस योजना में मौजूदा समय में 8.2 फीसदी सालाना ब्याज मिलता है। खाते में निवेश 15 वर्षों तक किया जा सकता है, जबकि योजना 21 वर्ष में परिपक्व होती है। इसके साथ ही इसमें आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत कर लाभ भी मिलता है।
क्या है SIP?
सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) म्यूचुअल फंड में नियमित निवेश का तरीका है। इसमें निवेशक हर महीने एक निश्चित राशि निवेश करता है। SIP में रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती, लेकिन लंबी अवधि में इक्विटी आधारित फंड ऐतिहासिक रूप से बेहतर रिटर्न देने की क्षमता रखते हैं। कई वित्तीय योजनाकार लंबी अवधि के लक्ष्यों के लिए SIP को प्रभावी निवेश विकल्प मानते हैं।
₹12,500 मासिक निवेश का गणित
यदि कोई निवेशक 15 वर्षों तक हर महीने ₹12,500 निवेश करता है तो कुल निवेश राशि होगी:
जानिए आपके लिए क्या है बेस्ट प्लान
यदि निवेशक का लक्ष्य अधिक फंड बनाना है और वह बाजार के उतार-चढ़ाव को सहन कर सकता है, तो SIP बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं यदि प्राथमिकता पूंजी सुरक्षा, सरकारी गारंटी और निश्चित रिटर्न है, तो सुकन्या समृद्धि योजना अधिक उपयुक्त मानी जा सकती है। कई वित्तीय सलाहकार दोनों विकल्पों का संयोजन अपनाने की भी सलाह देते हैं।