Small Saving Schemes: केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय ने जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के लिए स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरों पर कोई बदलाव नहीं किया है। नई ब्याज दरें 30 सितंबर, 2025 को घोषित स्तरों पर ही बनी रहेंगी। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) और नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (एनएससी) जैसी लोकप्रिय छोटी बचत योजनाओं (स्मॉल सेविंग स्कीम्स) की ब्याज दरों में आगामी जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के लिए कोई बदलाव नहीं किया गया है।
लगातार सातवीं तिमाही में स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार ने इन दरों को स्थिर रखा है। गौर करने वाली बात यह है कि आखिरी बार ब्याज दरों में बदलाव वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही में किया गया था।
जानिए नई ब्याज दरें
पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF पर 7.1% ब्याज मिलेगा। नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) पर 7.7% की दर तय की गई है। वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) – दोनों पर 8.2% का रिटर्न मिलेगा। ये सभी दरें अप्रैल-जून 2025 की तिमाही की दरों जैसी ही हैं। 3 साल की टर्म डिपॉजिट पर 7.1 फीसदी, पोस्ट ऑफिस बचत जमा योजनाओं पर 4 फीसदी, किसान विकास पत् पर 7.5 फीसदी (115 महीने में मैच्योर), राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) में 7.7 फीसदी, मासिक आय योजना पर 7.4 फीसदी और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर 8.2 फीसदी ब्याज मिलेगा।
सरकारी बॉन्ड के यील्ड में आई गिरावट
स्मॉल सेविंग्स स्कीम की ब्याज दरें तय करने के लिए सरकार 'श्यामला गोपीनाथ कमेटी' के फॉर्मूले का इस्तेमाल करती है। इसके तहत इन योजनाओं की दरें सरकारी बॉन्ड (G-Sec) के यील्ड पर आधारित होती हैं। पिछले कुछ महीनों में 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड में गिरावट देखी गई है।
निवेशकों के लिए फैसले की अहमियत
सरकार का यह फैसला ऐसे समय पर आया है, जब महंगाई और ब्याज दरों को लेकर बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। ब्याज दरों में बदलाव न होने से उन निवेशकों को राहत मिली है, जो सुरक्षित और तय रिटर्न वाली योजनाओं में निवेश करना पसंद करते हैं। खासकर सीनियर सिटीजन, रिटायर्ड कर्मचारी और छोटे निवेशक। ये लोग पोस्ट ऑफिस और स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स पर निर्भर रहते हैं। इसलिए उनके लिए यह स्थिरता अहम मानी जा रही है।