
Small Saving Schemes: वित्त मंत्रालय 31 दिसंबर, 2025 को स्मॉल सेविंग स्कीम्स के लिए ब्याज दरों की घोषणा करने वाला है। इस बार फैसला बेहद अहम माना जा रहा है। वित्त मंत्रालय हर तीन महीने में PPF, SCSS और SSY समेत पोस्ट ऑफिस की सभी स्मॉल सेविंग स्कीम्स के लिए ब्याज दरों की समीक्षा करके नई ब्याज दरों का ऐलान करता है। इस वित्त वर्ष की चौथी तिमाही यानी जनवरी-मार्च 2025 के लिए नई ब्याज दरों का ऐलान 31 दिसंबर को किया जाएगा। ये नई दरें 1 जनवरी 2025 से लागू होंगी। इससे पहले तीसरी तिमाही के लिए ब्याज दरों की समीक्षा सितंबर 2025 में हुई थी, लेकिन तब ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया था।
इस बार सबसे ज्यादा चर्चा Public Provident Fund (PPF) की ब्याज दर को लेकर है। मौजूदा समय में PPF पर 7.1 फीसदी ब्याज मिल रहा है, लेकिन संकेत मिल रहे हैं कि इसमें कटौती हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो पिछले 50 साल में PPF का ब्याज रेट सबसे निचले स्तर पर आ जाएगा। हालांकि इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
ऐसा लगातार सातवीं तिमाही में हुआ जब इन स्कीम्स की दरें जस की तस रखी गईं। इसका मतलब है कि निवेशकों को फिलहाल वही रिटर्न मिल रहा है जो अप्रैल-जून 2024 तिमाही में तय हुआ था। अब सवाल ये है कि क्या जनवरी-मार्च की तिमाही में इसमें कोई बदलाव देखने को मिलेगा?
जिन स्कीम्स की ब्याज दरों पर फैसला होना है, उनमें पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC), किसान विकास पत्र (KVP), वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) समेत अन्य योजनाएं शामिल हैं। अगर इस बार ब्याज दरों में कटौती होती है तो निवेशकों को बड़ा झटका लगा सकता है। वहीं अगर ब्याज दरों में इजाफा होता है तो निवेशकों के लिए खुशखबरी होगी।
सुकन्या समृद्धि योजना यानी SSY में इस समय 8.2% सालाना ब्याज दिया जा रहा है। यह स्कीम खासतौर पर बेटियों की पढ़ाई और शादी के खर्च को ध्यान में रखकर बनाई गई है। इसमें सालाना आधार पर ब्याज जुड़ता है और कंपाउंड होकर आगे बढ़ता है।
सीनियर सिटिजन्स सेविंग स्कीम (SCSS) में 8.2% सालाना ब्याज मिलता है। इसमें खास बात यह है कि ब्याज की रकम हर तीन महीने में सीधे खाते में आती है। इसलिए रिटायर लोगों के लिए यह एक स्थिर इनकम का भरोसेमंद जरिया माना जाता है।
अगर किसी को हर महीने तय इनकम चाहिए तो पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) बेहतर विकल्प है। इसमें 7.4% सालाना ब्याज मिलता है और यह रकम हर महीने सीधे खाते में पहुंचती है।
पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) लंबे समय के लिए सबसे लोकप्रिय योजनाओं में शामिल है। इसमें 7.1% सालाना ब्याज मिलता है जो टैक्स फ्री होता है। वहीं नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) पर 7.7% ब्याज तय है। दोनों ही स्कीमें सुरक्षित निवेश चाहने वालों के लिए बेहतर विक्लप माना गया है।
सरकार हर तिमाही में पोस्ट ऑफिस की स्कीम्स की ब्याज दरों की समीक्षा करती है। इन दरों को तय करने के लिए श्यामला गोपीनाथ समिति की सिफारिशों का पालन किया जाता है। समिति का कहना है कि इन योजनाओं की ब्याज दरें संबंधित अवधि के सरकारी बॉन्ड की यील्ड से 25 से 100 बेसिस पॉइंट अधिक होनी चाहिए। इससे यह सुनिश्चित होता है कि ये स्कीमें निवेशकों के लिए आकर्षक बनी रहें।
हालांकि, कई बार सरकार इस फॉर्मूले के हिसाब से ब्याज दर तय नहीं करती हैं क्योंकि सरकार बाध्य नहीं है कि वह हमेशा समिति की सिफारिशों को माने। कई बार आम लोगों के हित को देखते हुए सरकार अपने स्तर पर निर्णय लेती है।
Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.