Small savings schemes: अगर आप पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाओं जैसे PPF, NSC, SCSS या सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करते हैं, तो आपके लिए बेहद अहम खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। बता दें कि इन स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरों में हर तीन महीने में समीक्षा की जाती है। अनुमान लगाया जा रहा था इस बार केंद्र सरकार ब्याज दरों में बदलाव कर सकती है, लेकिन सरकार ने तमाम अनुमानों को गलत साबित करते हुए इन स्कीम्स की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।
यह लगातार नौवीं तिमाही है, जब दरें वैसी ही रखी गई हैं, और यह बदलाव 1 जुलाई, 2026 से लागू होगा। वित्त मंत्रालय ने एक नोटिफिकेशन में कहा, 'फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की दूसरी तिमाही (1 जुलाई, 2026 से 30 सितंबर, 2026 तक) के लिए कई छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें, FY 2026-27 की पहली तिमाही (1 मार्च, 2026 से 30 जून, 2026 तक) के लिए बताई गई दरों के समान ही रहेंगी।
जानिए नई ब्याज दरें
पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF पर 7.1% ब्याज मिलेगा। नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) पर 7.7% की दर तय की गई है। वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) – दोनों पर 8.2% का रिटर्न मिलेगा। 3 साल की टर्म डिपॉजिट पर 7.1 फीसदी, पोस्ट ऑफिस बचत जमा योजनाओं पर 4 फीसदी, किसान विकास पत् पर 7.5 फीसदी (115 महीने में मैच्योर), राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) में 7.7 फीसदी, मासिक आय योजना पर 7.4 फीसदी और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर 8.2 फीसदी ब्याज मिलेगा।
सुकन्या समृद्धि योजना के तहत जमा राशि पर 8.2% ब्याज मिलेगा, जबकि मौजूदा तिमाही में तीन साल की टर्म डिपॉजिट पर ब्याज दर 7.1% बनी रहेगी।
PPF निवेशकों के लिए क्या है राहत?
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) पर ब्याज दर 7.1% बनी रहेगी। PPF की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी राशि तीनों पर टैक्स छूट मिलती है। इसी कारण इसे लंबी अवधि के सबसे लोकप्रिय निवेश विकल्पों में गिना जाता है।
सरकार ने दरें क्यों नहीं बदलीं?
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के महीनों में ब्याज दरों और बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव के बावजूद सरकार ने छोटे निवेशकों को स्थिरता देने के लिए दरों को स्थिर रखा है। इससे करोड़ों निवेशकों को अपने वित्तीय लक्ष्यों की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी।
कैसे तय होती हैं इन योजनाओं की ब्याज दरें?
स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरें मार्केट यील्ड यानी बाजार के रिटर्न से जुड़ी होती हैं। वित्त मंत्रालय इसके लिए एक खास फॉर्मूले का पालन करता है, जो समान मैच्योरिटी वाले सरकारी बॉन्ड या गवर्नमेंट सिक्योरिटीज (G-Secs) के रिटर्न पर आधारित होता है। उदाहरण के लिए, अगर 5 साल के सरकारी बॉन्ड का रिटर्न बढ़ता या घटता है, तो उसी हिसाब से 5 साल की पोस्ट ऑफिस एफडी की दरें भी तय की जाती हैं।