SGB Premature Redemption Date: सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) के निवेशकों के लिए एक जरूरी अपडेट सामने आई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने साल 2019 में जारी सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के रिडेम्पशन का ऐलान किया है। केंद्रीय बैंक ने SGB 2019-20 सीरीज-V के लिए प्री-मैच्योर रिडेम्पशन की घोषणा की है, जिसके तहत 15 अप्रैल 2026 को निवेशक अपने बॉन्ड वापस कर सकते हैं। भारत सरकार की ओर से सितंबर 2019 में जारी अधिसूचना के मुताबिक, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने वालों को पांच साल की अवधि पूरी होने के बाद मैच्योरिटी से पहले निकासी की अनुमति दी जाती है। हालांकि, यह निकासी केवल ब्याज भुगतान की तारीखों पर ही होती है।
क्या है प्री-मैच्योर रिडेम्पशन की तारीख?
भारतीय रिजर्व बैंक ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2019-20 सीरीज-V सीरीज को 15 अक्टूबर 2019 को जारी किया था। ऐसे में अब इसके पांच साल पूरे हो चुके हैं। आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि 15 अप्रैल 2026 को आने वाली ब्याज भुगतान की तारीख पर निवेशक प्री-मैच्योर रिडेम्पशन कर सकते हैं। यह उन निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण मौका है, जिन्होंने लॉन्ग टर्म लक्ष्य के साथ निवेश किया था, लेकिन अब वे इसको भुनाना चाहते हैं।
क्या है रिडेम्पशन प्राइस?
बता दें कि RBI ने इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड (IBJA) की तरफ से जारी सोने की कीमतों के आधार पर रिडेम्पशन प्राइस तय किया है। इसके लिए निकासी की तारीख से ठीक पहले के तीन वर्किंग डेज के 999 प्योरिटी वाले सोने के क्लोजिंग प्राइस का औसत निकाला जाता है। 15 अप्रैल 2026 की निकासी के लिए 9 अप्रैल, 10 अप्रैल और 13 अप्रैल 2026 की कीमतों को आधार बनाया गया है, जिसके बाद रिडेम्पशन प्राइस 15,009 प्रति यूनिट तय हुआ है। यह कीमत उस समय की तुलना में कई गुना अधिक है।
पांच साल में 302% का रिटर्न
गौरतलब है कि अक्टूबर 2019 में जब यह स्कीम लॉन्च हुई थी, तब ऑनलाइन ग्राहकों को प्रति यूनिट के लिए महज 3,738 रुपये चुकाने पड़े थे। वहीं, पांच साल बाद अब निकासी पर 15,009 रुपये प्रति यूनिट मिल रहा है। यानी निवेश की रकम में लगभग 4 गुना या 302% की बढ़ोतरी हुई है।