Sovereign Gold Bond Redemption: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 'SGB 2020-21 सीरीज-IV' के प्री-मैच्योर रिडेम्पशन का ऐलान किया है। इस विशेष सीरीज के निवेशकों को मालामाल कर दिया है। RBI के आधिकारिक बयान के मुताबिक, SGB 2020-21 सीरीज-IV के प्री-रिडंप्शन के लिए 13,929 रुपये प्रति यूनिट की कीमत तय की गई है। यह उन निवेशकों के लिए एक बड़ा अवसर है जो अपनी मैच्योरिटी अवधि पूरी होने से पहले ही अपना मुनाफा वसूलना चाहते हैं। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की यह सीरिज साल 2025 में लॉन्च हुई थी, तब निवेशकों को एक यूनिट के लिए महज 4,802 रुपये चुकाने पड़े थे। इसका मतलब है कि पांच साल के में निवेशकों के वेल्थ 3 गुना बढ़ गई है।
190% का दमदार मुनाफा
प्रतिशत के लिहाज से देखें तो यह लगभग 190% का एब्सोल्यूट रिटर्न है। सबसे खास बात यह यह मुनाफा केवल सोने की कीमतों में हुई बढ़ोतरी तक सीमित नहीं है। निवेशकों को पिछले साढ़े पांच सालों के दौरान हर साल 2.50% की दर से ब्याज ही मिला है।
कैसे तय होती है रिडंप्शन की रकम?
कई निवेशकों के मन में यह सवाल होता है कि RBI प्री-रिडेम्पशन की कीमत कैसी तय होती है? नियमों के मुताबिक, समय पूर्व निकासी की कीमत पिछले तीन कारोबारी दिनों के सोने के क्लोजिंग प्राइस के औसत पर आधारित होती है। इस सीरीज के लिए 9 जनवरी 12 जनवरी और 13 जनवरी 2026 के सोने के भाव का साधारण औसत निकाला गया, जिसके आधार पर 13,929 रुपये की रकम तय हुई है। बता दें कि SGB की कुल मैच्योरिटी पीरिएड 8 साल की होती है, लेकिन सरकार ने निवेशकों मैच्योरिटी से पहले निकासी की सुविधा देती है।