SGB: इस डिजिटल गोल्ड में निवेशकों को मिला 205% रिटर्न, RBI ने किया रिडेम्पशन प्राइस का ऐलान

Sovereign Gold Bond: सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेशकों के लिए एक गुड न्यूज सामने आई है। SGB के 2018-19 सीरीज-V की समय से पहले भुनाने की कीमत घोषित कर दी है। RBI ने रिडेम्पेशन कीमत जारी कर दी है। यह कीमत 17, 18, और 21 जुलाई के सोने के भाव के औसत कीमत पर आधारित है।

Jitendra Singh
पब्लिश्ड24 Jul 2025, 09:29 AM IST
Sovereign Gold Bond: SGB सीरीज की शुरुआती कीमत जनवरी 2019 में  <span class='webrupee'>₹</span>3,214 प्रति ग्राम थी।
Sovereign Gold Bond: SGB सीरीज की शुरुआती कीमत जनवरी 2019 में ₹3,214 प्रति ग्राम थी। (Livemint)

Sovereign Gold Bond: गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2018-19 Series-V की समय से पहले रिडेम्पशन की कीमत घोषित कर दी है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की मेच्योरिटी 8 साल की होती है, लेकिन इसे 5 साल पूरे होने के बाद समय से पहले भुनाया जा सकता है। इस बॉन्ड ने निवेशकों को 205 फीसदी का रिटर्न दिया है। आरबीआई ने इसकी मौजूदा रिडेम्पशन कीमत 9,820 रुपये प्रति ग्राम तय की है। यह कीमत 17, 18 और 21 जुलाई के सोने के भाव के औसत पर आधारित है, जिसे इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) ने जारी किया था।

इस SGB सीरीज की शुरुआती कीमत जनवरी 2019 में 3,214 रुपये प्रति ग्राम थी। SGB में निवेश करने वालों को बिना ब्याज के 6,606 रुपये प्रति ग्राम का फायदा हुआ है। कहने का मतलब ये है हुआ कि अगर आपने 2019 में एक ग्राम सोने की कीमत 3,214 रुपये पर बॉन्ड खरीदा था, तो आज उसकी वैल्यू 205.56 फीसदी बढ़कर 9,820 रुपये हो गई है।

जानिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर कितना मिलता है ब्याज?

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड निवेशकों को शुरुआती निवेश राशि पर 2.50 फीसदी प्रति वर्ष की निश्चित ब्याज दर देता है। यह ब्याज हर छह महीने में निवेशक के बैंक खाते में जमा होता है। आखिरी ब्याज भुगतान मैच्योरिटी के समय मूलधन के साथ किया जाता है। इसमें मैच्योरिटी टैक्स छूट का फायदा मिलता है। यह निवेशकों के लिए सुरक्षित और फायदेमंद विकल्प है।

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जानिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) क्या हैं

SGB एक तरह की सरकारी स्कीम है। इसमें सोने में निवेश किया जाता है, लेकिन असली सोना नहीं मिलता। यह कागज़ या डिजिटल रूप में होता है। इसका मूल्य सोने के वजन के हिसाब से तय होता है। आप इसे खरीदने के लिए नकद भुगतान करते हैं और जब आप इसे वापस करते हैं तो आपको नकद ही मिलता है। ये बॉन्ड भारत सरकार की ओर से RBI जारी करता है। 5 साल पूरे होने के बाद निवेशक प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन का विकल्प चुन सकते हैं।

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जानिए कैसे निकालें पैसे

अगर आप अपने बॉन्ड को समय से पहले भुनाना चाहते हैं तो सबसे पहले यह देखना होगा कि आपका बॉन्ड किस तारीख को जारी हुआ था। इसके बाद अपने बैंक या RBI द्वारा दी गई समय-सीमा के भीतर पैसा निकालने का अनुरोध जमा करना होगा। अगर आप समय-सीमा चूक जाते हैं, तो आपको पैसा मिलने में देरी हो सकती है।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के फायदे

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने से सोना सुरक्षित रहता है। इसमें इसके चोरी हो जाने का कोई डर नहीं रहता है। साथ ही सरकारी योजना होने की वजह से इसमें निवेश का कोई डर भी नहीं है। इसकी एक और खास बात यह है कि इसमें ब्याज दर सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बाद भी स्थिर रहता है।

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