Sovereign Gold Bond:सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश करना फिजिकल गोल्ड से ज्यादा सुरक्षित रहता है। सरकार की तरफ से 2015 में शुरू की गई इस स्कीम को दो साल पहले बंद कर दिया गया है। इस स्कीम में निवेश करने का सबसे बड़ा फायदा यह होता था कि इसकी मैच्चोरिटी पर किसी तरह का इनकम टैक्स नहीं देना होता है। इस बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने साल 2017-18 सीरीज-VI सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स (SGB) के लास्ट रिडेम्प्शन के लिए 6 नवंबर को ऐलान कर दिया है। इस बॉन्ड ने अपनी इश्यू तारीख से लेकर अभी तक निवेशकों को करीब 316 फीसदी का रिटर्न दिया है।
बॉन्ड का इश्यू प्राइस 2,895 रुपये प्रति ग्राम था, जो कि अब रिडेम्प्शन प्राइस बढ़कर 12,066 तय हुआ है। कुल मिलाकर 8 साल में 316.78 फीसदी का शुद्ध मुनाफा हुआ है। आसान भाषा में आप यह कह सकते हैं कि 2,895 रुपये आठ साल में चार गुने से भी ज्यादा बढ़कर 12,066 रुपये हो गए। 8 साल का 2.5 फीसदी सालाना ब्याज अलग से है। ऑनलाइन पेमेंट पर 50 रुपये डिस्काउंट लेने वालों को इश्यू प्राइस 2,845 रुपये मानकर प्रॉफिट 324.11% तक पहुंच गया है।
खाते में कैसे आएंगे पैसे?
अगर आपने इस स्कीम में निवेश कर रखा है, तो आपको कुछ करने की जरूरत नहीं है। योजना की शर्तों के मुताबिक, मैच्योरिटी पर रिडिम्पशन अपने आप हो जाता है और निवेशकों को कोई अलग रिक्वेस्ट देने की जरूरत नहीं होती है। मैच्योरिटीज की तारीख पर रकम सीधे निवेशक के रजिस्टर्ड बैंक खाते में जमा कर दी जाती है।
316% के प्रॉफिट पर किसी तरह का टैक्स नहीं
पैसा ट्रांसफर करने पर लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन को इंडेक्सेशन बेनिफिट भी दिया जाता है। यानी 316% प्रॉफिट पर किसी तरह का टैक्स नहीं देना होता है। ब्याज सालाना आधार पर सीधे बैंक अकाउंट में क्रेडिट होता है। प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन 5वें साल के बाद नेक्स्ट इंटरेस्ट पेमेंट डेट पर संभव था, लेकिन ज्यादातर निवेशकों ने 8 साल तक होल्ड कर मोटा मुनाफा कमाया है।
जानिए रिडेम्प्शन प्राइस कैसे होता है तय?
RBI ने बताया कि रिडेम्प्शन प्राइस पिछले तीन कारोबारी दिनों के 999 प्योरिटी वाले गोल्ड के औसत बंद भाव पर आधारित होता है, जो इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन लिमिटेड (IBJA) द्वारा प्रकाशित किए जाते हैं। इस आधार पर 31 अक्टूबर, 3 नवंबर और 4 नवंबर 2025 का औसत लिया गया है।
कब हुई सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम की शुरुआत
सरकार ने नवंबर 2015 में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम की शुरुआत की थी। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश पर सालाना 2.5 फीसदी ब्याज मिलता है। यह पैसा हर 6 महीने पर निवेशकों के बैंक अकाउंट में डाल दिया जाता है। मैच्योरिटी या समय से पहले रिडेम्प्शन पर आखिरी ब्याज की किस्त मूलधन के साथ मिलती है।