Sovereign Gold Bonds: ₹2,987 में खरीदा, ₹12,704 में रिडीम किया, जानिए कितना देना होगा टैक्स?

SGB Tax Rules: अक्टूबर में कई सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स (SGB) सीरीज ने 325% तक का रिटर्न दिया है। RBI से रिडेम्प्शन पर कैपिटल गेन टैक्स-फ्री होता है, लेकिन एक्सचेंज पर बेचने पर टैक्स लगता है। सालाना 2.5% ब्याज हमेशा टैक्सेबल होता है। निवेशकों को रिडेम्प्शन और टैक्स नियमों को समझना जरूरी है।

Priya Shandilya
अपडेटेड2 Nov 2025, 09:52 PM IST
SGBs कैसे काम करते हैं और निवेशक कहां चूक जाते हैं
SGBs कैसे काम करते हैं और निवेशक कहां चूक जाते हैं

SGB Tax Rules: अक्टूबर 2025 में कई निवेशकों के चेहरे खिले हुए हैं। वजह है सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स (SGBs) की मैच्योरिटी और प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन से मिले जबरदस्त रिटर्न। कुछ सीरीज ने तो 325% तक का फायदा दिया है। लेकिन जहां रिटर्न की चमक है, वहीं टैक्स की सच्चाई भी है, जिसे कई लोग नजरअंदाज कर देते हैं।

किस सीरीज ने कितना रिटर्न दिया?

SGB 2017–18 Series IV: 2,987 में खरीदा गया था, 12,704 में रिडीम हुआ—325% रिटर्न

SGB 2017–18 Series V: 2,971 से 11,992—303% रिटर्न

SGB 2018–19 Series II: लगभग 304% रिटर्न

SGB 2019–20 Series VI: 3,785 से 11,992—217% रिटर्न

SGB 2020–21 Series I: 4,589 से 12,198—166% रिटर्न

इन आंकड़ों से साफ है कि पिछले कुछ सालों में गोल्ड की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है।

SGBs क्या होते हैं और कैसे काम करते हैं?

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGBs) सरकार की ओर से जारी किए गए ऐसे बॉन्ड होते हैं जो सोने की कीमतों से जुड़े होते हैं। इन्हें डिजिटल फॉर्म में खरीदा जाता है, इसलिए स्टोरेज की टेंशन नहीं होती। हर साल 2.5% का फिक्स्ड ब्याज भी मिलता है। बॉन्ड की अवधि 8 साल होती है, लेकिन 5 साल बाद आप RBI से रिडीम (निकाल सकते हैं) कर सकते हैं।

टैक्स के मामले में अक्सर लोग यहीं चूक जाते हैं

SGBs से मिलने वाला रिटर्न जितना शानदार दिखता है, उतना ही जरूरी है इसके टैक्स नियमों को समझना। असली फर्क इस बात से पड़ता है कि आपने बॉन्ड से पैसा कैसे निकाला।

अगर आपने बॉन्ड को पूरे 8 साल तक होल्ड किया और फिर सीधे RBI से पैसा वापस लिया, तो उस पर कोई टैक्स नहीं लगता यानी जो भी मुनाफा हुआ, वो पूरा टैक्स-फ्री होता है।

अगर आपने 5 साल बाद RBI के जरिए ही पैसा निकाला, तब भी पूरी कमाई टैक्स-फ्री रहती है। लेकिन अगर आपने बॉन्ड को मैच्योरिटी से पहले शेयर बाजार में बेच दिया, तो टैक्स लगेगा। अगर आपने 12 महीने के अंदर बेचा, तो उसे शॉर्ट टर्म गेन माना जाएगा और आपकी इनकम स्लैब के हिसाब से टैक्स देना होगा। वहीं, अगर 12 महीने के बाद बेचा, तो उसे लॉन्ग टर्म गेन माना जाएगा और उस पर 12.5% टैक्स लगेगा (बजट 2024 के नए नियमों के अनुसार)।

इसके अलावा, हर साल मिलने वाला 2.5% ब्याज टैक्सेबल होता है। इसे “अन्य स्रोत से आय” में दिखाना होता है और इनकम टैक्स रिटर्न में जोड़ना पड़ता है। ध्यान रहे, इस ब्याज पर TDS नहीं कटता, लेकिन टैक्स आपको खुद भरना होता है

उदाहरण से समझिए

मान लीजिए किसी निवेशक ने अक्टूबर 2017 में 2,971 में एक ग्राम का सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड खरीदा और उसे पूरे 8 साल तक रखा। अक्टूबर 2025 में जब उसने RBI से पैसा वापस लिया, तो उसे 11,992 मिले। यानी कुल 9,021 का फायदा हुआ। चूंकि ये बॉन्ड RBI से मैच्योरिटी पर वापस लिया गया, इसलिए इस मुनाफे पर कोई टैक्स नहीं लगा। लेकिन हर साल 74.28 का ब्याज मिला, जो निवेशक की आमदनी में जुड़ता है और उस पर इनकम टैक्स देना होता है।

लेकिन अगर यही निवेशक इस बॉन्ड को 2024 में शेयर बाजार में बेच देता, तो 9,000 के करीब जो मुनाफा होता, उस पर 12.5% टैक्स लगता (या उस वक्त जो भी नियम लागू होते)। RBI से पैसा वापस लेने पर टैक्स नहीं, लेकिन बाजार में बेचने पर टैक्स देना पड़ता है।

निवेशकों के लिए क्या जरूरी है?

अक्टूबर में कई SGB सीरीज की रिडेम्प्शन हुई है और पैसा सीधे बैंक अकाउंट में आया है। लेकिन ध्यान रहे, ब्याज पर टैक्स लगता है और सिर्फ RBI से रिडीम करने पर ही कैपिटल गेन टैक्स-फ्री होता है। फाइनेंशियल प्लानर्स सलाह देते हैं कि अपनी SGB सीरीज की डेट्स चेक करें, एक्सचेंज से बेचने की बजाय RBI से रिडीम करें, हर साल मिलने वाले ब्याज को इनकम टैक्स में दिखाएं।

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

बिजनेस न्यूज़मनीSovereign Gold Bonds: ₹2,987 में खरीदा, ₹12,704 में रिडीम किया, जानिए कितना देना होगा टैक्स?
More
बिजनेस न्यूज़मनीSovereign Gold Bonds: ₹2,987 में खरीदा, ₹12,704 में रिडीम किया, जानिए कितना देना होगा टैक्स?
OPEN IN APP