Sovereign Gold Bonds Premature Redemption: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) के निवेशकों प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन का ऐलान किया है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2019-20 सीरीज III में पैसा लगाने वाले निवेशक इसे भुना सकते हैं। SGB 2019 पर निवेशकों को 347% का भारी रिटर्न मिल रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने समय से पहले रिडेम्पशन के लिए 15,641 रुपये प्रति यूनिट की कीमत तय की है।
हर यूनिट पर 12,000 से ज्यादा का मुनाफा
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2019-20 सीरीज III को अगस्त 2019 में लॉन्च किया गया था। इस दौरान निवेशकों को महज 3,499 रुपये प्रति यूनिट की दर से गोल्ड बॉन्ड जारी किए थे। जिन लोगों ने डिजिटल माध्यम से पेमेंट किया था, उन्हें 50 रुपये की अतिरिक्त छूट मिली और उनके लिए प्रभावी कीमत 3,449 रुपये थी। अब पांच साल बाद प्रीमैच्योर रिडेम्पशन पर निवेशकों को 15,641 रुपये प्रति यूनिट की कीमत मिल रही है। यानी निवेशकों को हर यूनिट पर 12,142 रुपये का नेट प्रॉफिट हो रहा है। अगर इसे सालाना चक्रवृद्धि दर (CAGR) को देखें, तो यह लगभग 35 प्रतिशत का CAGR रिटर्न है। यह शेयर बाजार या अन्य किसी निवेश माध्यम के मुकाबले काफी अधिक है।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की कैसे तय होती है कीमत?
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) की कीमत तय करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एक पारदर्शी प्रकिया अपनाता है। इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन लिमिटेड (IBJA) की तरफ से प्रकाशित 999 शुद्धता वाले सोने के तीन दिन के क्लोजिंग प्राइस का एवरेज निकाला जाता है। 13 फरवरी की रिडेम्प्शन तारीख के लिए पिछले तीन कारोबारी दिनों का एवरेज प्राइस को बेस बनाया गया है।
हर साल मिलता है 2.5% का ब्याज
बता दें कि सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर निवेशकों को आकर्षक रिटर्न के साथ-साथ निश्चित ब्याज भी मिलती है। भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से निवेशकों को हर साल 2.5 प्रतिशत की दर से निश्चित ब्याज की पेशकश करता है। इससे निवेशकों को होने वाला फायदा और बढ़ जाता है।
SGB पर टैक्स नियमों में बदलाव
गौरतलब है कि मौजूदा नियमो के मुताबिक, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर मैच्योरिटी रिडेम्पशन पर होने वाला फायदा टैक्स-फ्री है। हालांकि, वित्त मंत्री निर्मलासीतारमण ने बजट 2026 में इन नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा है। नए प्रस्ताव के तहत 1 अप्रैल 2026 से प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन पर मिलने वााली टैक्स छूट खत्म हो जाएगी।