
इंडिगो एयरलाइन ने ऑपरेशन से जुड़ी दिक्कतों के कारण रविवार को दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट पर 220 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दीं। पिछले कुछ दिनों से इसी वजह से कई उड़ानें रद्द हो रही हैं और कई बार देरी भी हो रही है, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। जानकारी के अनुसार मुंबई में कम से कम 112 और दिल्ली में 109 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
पीटीआई भाषा ने सूत्रों के हवाले से बताया कि शुक्रवार को कुल 2,300 उड़ानों में से करीब 1,600 उड़ानें रद्द हुई थीं। शनिवार को स्थिति थोड़ी बेहतर रही और लगभग 800 उड़ानें रद्द की गईं। डीजीसीए ने इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स और सीओओ व ‘अकाउंटेबल मैनेजर’ इसिद्रो पोरकेरस को नोटिस भेजकर 24 घंटे में जवाब देने के लिए कहा है। इंडिगो का कहना है कि शनिवार को उसने 1,500 उड़ानें संचालित कीं।
ऐसे स्थिति में देशभर में यात्रियों में ट्रैवल करने में काफी ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मुंबई और दिल्ली के अलावा भी इंडिगो की कई उड़ानें रद्द होने के कारण यात्री एयरपोर्ट पर फंस गए हैं। जहां कुछ की कनेक्टिंग फ्लाइट्स हैं तो वहीं बहुत से लोगों को किन्हीं जरूरी काम से कहीं न कहीं जाना है। मगर रद्द हुई फ्लाइट्स की वजह से यात्री अपने काम पूरे करने में असमर्थ हैं।
इस बीच यात्रियों के मन में ये सवाल आना लाजमी है कि क्या ट्रैवल इंश्योरेंस आपके खर्चे को रिकवर करेगा? तो चलिए इस आर्टिकल में इसका सही जवाब जानते हैं। बता दें कि जब भी हम अपने क्रेडिट कार्ड के जरिये टिकट बुक करते हैं तो हमें ट्रैवल इंश्योरेंस मिलता है।
हालांकि, बहुत से लोग बुकिंग करते समय इसे नजरअंदाज कर देते हैं। दरअसल, क्रेडिट कार्ड्स कुछ हिडन ट्रैवल इंश्योरेंस बेनेफिट्स देते हैं या टिकट बुकिंग के दौरान ऑनलाइन ट्रैवल एग्रीगेटर (OTA) प्लेटफॉर्म पर भी कुछ न कुछ ट्रैवल इंश्योरेंस जरूर होता है, जिसपर कई बार यात्री ध्यान नहीं देते हैं।
ट्रिप कैंसिलेशन या ट्रिप बीच में रद्द होने पर बीमा आपके उन खर्चों को कवर करता है, जिन्हें वापस नहीं लिया जा सकता जैसे फ्लाइट टिकट, होटल बुकिंग और पहले से बुक की गई गतिविधियां। अगर किसी कारण से आपकी ट्रिप संभव नहीं रह जाती या रुक जाती है, तो ये खर्चे इंश्योरेंस से कवर हो सकते हैं।
फ्लाइट डिले अलाउंस एक निश्चित राशि होती है, जो तब मिलती है जब आपकी फ्लाइट तय सीमा से ज्यादा देर से उड़ान भरे। ज़्यादातर पॉलिसियों में इसके लिए खर्च के बिल जमा करने की जरूरत नहीं पड़ती।
इसके अलावा डोमेस्टिक ट्रैवल में फ्लाइट देरी पर आमतौर पर ₹1,000– ₹5,000 तक का क्लेम मिलता है, जबकि ट्रिप कैंसिलेशन या बीच में ट्रिप रोकने पर क्लेम अधिक हो सकता है, क्योंकि इसमें नॉन-रिफंडेबल खर्चे शामिल होते हैं।
अगर आप यात्रा के दौरान फंस गए हैं, तो सबसे पहले देखें कि क्या आपके क्रेडिट कार्ड में पहले से ट्रैवल इंश्योरेंस शामिल है। भारत में कई प्रीमियम और मिड-टियर क्रेडिट कार्ड में फ्लाइट देरी, कैंसिलेशन, मिस्ड कनेक्शन और बैगेज देरी पर मुफ्त इंश्योरेंस कवर मिलता है। राशि बहुत बड़ी नहीं होती, लेकिन मदद जरूर कर सकती है। आमतौर पर ये ₹10,000 से ₹25,000 तक होती है।
कई यात्री टिकट बुक करते समय अनजाने में ही ट्रैवल इंश्योरेंस खरीद लेते हैं जैसे MakeMyTrip, Cleartrip या IndiGo जैसी वेबसाइट्स से। ये ऐड-ऑन सुविधाजनक होते हैं, लेकिन इनका कवरेज अलग-अलग होता है और अक्सर छोटी–छोटी शर्तें होती हैं जिन्हें लोग पढ़ते नहीं। इस तरह का इंश्योरेंस मदद कर सकता है, लेकिन किन स्थितियों में भुगतान मिलेगा, यह समझना जरूरी है।
इंश्योरेंस से पहले भी यात्रियों के कुछ अधिकार तय हैं। DGCA के नियमों के अनुसार, अगर फ्लाइट कैंसिल हो जाए, तो एयरलाइन को पूरा रिफंड या दूसरी फ्लाइट देने के साथ-साथ एयरपोर्ट पर मौजूद यात्रियों को भोजन/रिफ्रेशमेंट उपलब्ध कराना चाहिए। लंबी देरी होने पर सुविधा बढ़ाई जाती है जैसे पहले खाना और फिर जरूरत पड़ने पर होटल व ट्रांसफर भी। यह सहायता आपको इंश्योरेंस खरीदा हो या नहीं मिलेगी, क्योंकि ये यात्री के अधिकार हैं।
Oops! Looks like you have exceeded the limit to bookmark the image. Remove some to bookmark this image.