Securities Transaction Tax Explain: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज देश का आर्थिक बजट पेश किया। बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि एफ एंड ओ के तहत STT को बढ़ा दिया गया है। इसे 0.1 फीसदी से बढ़ाकर 0.15 फीसदी कर दिया गया। इस ऐलान के बाद ही शेयर मार्केट में हाहाकार मच गया। एक वक्त तो ऐसा आया कि सेंसेक्स 22,000 पॉइंट नीचे गिर गया। भारतीय शेयर बाजार में आए भूचाल की वजह STT का बढ़ना बताया जा रहा है। आइए जानते हैं कि आखिर ये STT के बारे में
क्या है STT?
STT (सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स) एक ऐसा टैक्स है जो शेयर बाजार में होने वाली खरीद-बिक्री पर लगता है। जब आप शेयर, डेरिवेटिव्स या इक्विटी म्यूचुअल फंड्स को मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज पर खरीदते या बेचते हैं, तो यह टैक्स लागू होता है। इसे 2004 में शुरू किया गया था ताकि शेयर बाजार में सट्टेबाज़ी कम हो और सरकार को टैक्स से कमाई हो सके।
बजट 2026 के अनुसार नई दरें इस तरह हैं:
- शेयर खरीदकर रखने (Equity Delivery) पर: 0.1%
- उसी दिन खरीद-बिक्री (Intraday) पर: 0.025%
- फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर: 0.05% (पहले 0.02%)
- ऑप्शंस ट्रेडिंग पर: 0.15% (पहले 0.1%)
ये टैक्स सीधे आपके लेन-देन की राशि पर लगता है और इसे आपका ब्रोकर काटकर सरकार को जमा करता है। सीधी भाषा में कहें तो,जब भी आप शेयर बाजार में ट्रेड करते हैं,हर सौदे पर थोड़ा-सा टैक्स लगता है,जिसे STT कहते हैं।
बता दें कि आज कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स में 2,370.36 अंक या 2.88 प्रतिशत की भारी गिरावट आई और यह 80,000 अंक के स्तर से नीचे टूटकर 79,899.42 अंक पर आ गया। 50 शेयर वाला एनएसई निफ्टी 748.9 अंक या 2.95 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,571.75 अंक पर आ गया।
इन शेयरों में आई गिरावट
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से भारत इलेक्ट्रॉनिक्स में 6.50 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। भारतीय स्टेट बैंक, एचसीएल टेक, टाटा स्टील, एशियन पेंट्स और इटर्नल के शेयर भी गिरावट में रहे।हालांकि सन फार्मा, कोटक महिंद्रा बैंक और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के शेयर लाभ में रहे।