
Sukanya Samriddhi Yojana: केंद्र सरकार की ओर से कई स्माल सेविंग स्कीम्स (Small Saving Schemes) चला रही है। ये योजनाएं उन लोगों के लिए बहुत उपयोगी हैं जो थोड़ा-थोड़ा पैसे निवेश करके भविष्य के लिए अच्छा-खासा फंड बनाना चाहते हैं। अगर आप भी अपनी बेटी की शादी या हाएर एजुकेशन के लिए निवेश करना चाहते हैं तो आपके लिए सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana – SSY) में निवेश करना बेहतर साबित हो सकता है।
इस योजना की खास बात यह है कि इसमें 250 रुपये से निवेश शुरू किया जा सकता है। इसमें ब्याज भी अन्य योजनाओं के मुकाबले अच्छी मिलती है। इसके साथ ही टैक्स छूट में लाभ भी मिलता है। इस योजना का फायदा उठाने के लिए सबसे पहले उम्र की डेडलाइन समझना जरूरी है। सरकारी नियम के मुताबिक बच्ची के 10 साल की उम्र पूरी करने से पहले उसके नाम पर यह खाता खोला जा सकता है। अगर बेटी 10 साल की हो चुकी है तो नया खाता खोलने का मौका नहीं मिलता।
सुकन्या समृद्धि योजना पर मौजूदा ब्याज दर 8.2% सालाना है। ब्याज सालाना आधार पर कंपाउंड होता है। यह दर सरकार की छोटी बचत योजनाओं की तिमाही समीक्षा के तहत तय होती है। इसका मतलब यह भी है कि 8.2% को पूरी अवधि के लिए फिक्स मानना सही नहीं होगा। भविष्य में सरकार की ओर से छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में बदलाव होने पर सुकन्या समृद्धि योजना की दर भी बदल सकती है।
सुकन्या समृद्धि योजना में कम से कम ₹250 से शुरुआत की जा सकती है। एक वित्त वर्ष में अधिकतम ₹1.50 लाख जमा किए जा सकते हैं। यानी इस योजना में खाता खोलने के लिए बड़ी रकम से शुरुआत करना जरूरी नहीं है। परिवार अपनी वित्तीय क्षमता के मुताबिक छोटी रकम से शुरुआत कर सकता है। हालांकि योजना का फायदा लंबी अवधि की नियमित बचत में ज्यादा महत्वपूर्ण बनता है।
यहां एक और नियम समझना जरूरी है। सुकन्या समृद्धि योजना में खाता खुलने के बाद 15 साल तक जमा किया जा सकता है। इसके बाद खाते में नई रकम जमा करना जरूरी नहीं होता, लेकिन खाते में निर्धारित अवधि तक ब्याज मिलता रहता है। यानी इसे सामान्य सेविंग अकाउंट की तरह नहीं समझना चाहिए, जिसमें जब चाहें पैसा जमा और निकाल लिया जाए। यह मुख्य रूप से बेटी के भविष्य के लिए लंबी अवधि की बचत का माध्यम है।
सुकन्या समृद्धि योजना की मैच्योरिटी खाता खोलने की तारीख से 21 साल बाद होती है। यहां एक महत्वपूर्ण बात है—21 साल की अवधि बेटी की उम्र से नहीं, खाते की तारीख से जुड़ी है। उदाहरण के लिए अगर किसी बच्ची के नाम पर 6 साल की उम्र में खाता खोला गया, तो सामान्य मैच्योरिटी खाते के 21 साल पूरे होने पर होगी। इसलिए खाता जितनी जल्दी पात्र उम्र में खोला जाता है, उतनी लंबी अवधि के लिए बचत का मौका मिलता है।
मान लीजिए बेटी की उम्र 9 साल है। ऐसे में परिवार के पास खाता खोलने के लिए 10 साल पूरे होने से पहले का समय है। लेकिन यहां सिर्फ खाता खोलना ही मुद्दा नहीं है। परिवार को यह भी देखना चाहिए कि वह अगले 15 साल तक कितनी रकम नियमित रूप से जमा कर सकता है।
यह सबसे अहम सवाल है। अगर बच्ची 10 साल की उम्र पूरी कर चुकी है, तो उसके नाम पर नया सुकन्या समृद्धि योजना सामान्य नियम के तहत नहीं खोला जा सकता। नियम में खाता खोलने के लिए ऐसी बच्ची की शर्त रखी गई है जिसने उस तारीख तक 10 साल की उम्र पूरी न की हो। इसलिए माता-पिता को “अभी खोल लेंगे” सोचकर अंतिम समय तक इंतजार नहीं करना चाहिए।
सामान्य नियम के मुताबिक एक परिवार में अधिकतम दो लड़कियों के नाम पर सुकन्या समृद्धि योजना खोले जा सकते हैं। कुछ विशेष परिस्थितियों, जैसे पहली या दूसरी संतान के जन्म क्रम में एक साथ दो या अधिक लड़कियां पैदा होने पर अतिरिक्त खाते के लिए नियम में प्रावधान है। इसलिए दो बेटियों वाले परिवारों के लिए भी योजना का ढांचा स्पष्ट है।
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