Tata AIA Long Term Investment Plans: लगातार बढ़ती महंगाई और घरेलू खर्चों के बीच हर कोई अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सेविंग करना चाहता है। लेकिन आमतौर पर लॉन्ग टर्म सेविंग स्कीम को बरकरार रखना बेहद मुश्किल होता है। कई बार जरूरी वित्तीय जरूरतों और टैक्स के बढ़त दबाव की वजह से इन्वेस्टमेंट को बीच में ही रोक देते हैं। लोगों की इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए टाटा AIA लाइफ इंश्योरेंस ने फॉर्च्यून गारंटी सुप्रीम स्कीम लॉन्च की है। कंपनी ने प्रीमियम ऑफसेट जैसा शानदार फीचर की पेशकश की है, जिससे निवेश किफायती होने के साथ-साथ कस्टमर्स को भारी-भरकम प्रीमियम से भी राहत मिलती है।
प्रीमियम ऑफसेट का बेतरीन फीचर
टाटा AIA की इस नई स्कीम का सबसे बेहतरी फीचर इसका प्रीमियम ऑफसेट ऑप्शन है। इसके तहत 12 साल की प्रीमियम पेमेंट वाली स्कीम्स के लिए कस्टमर पहले 6 साल के लिए प्रीमियम का भुगतान करते हैं। वहीं, अगले 6 साल के प्रीमियम के लिए टाटा AIA की तरफ से दिए जाने वाले इनकम बेनिफिट से ऑफसेट का ऑप्शन चुन सकते हैं। यानी शुरुआती निवेश के बाद मिलने वाले इनकम बेनिफिट का इस्तेमाल बाकी के प्रीमियम को चुकाने के लिए किया जा सकता है। यह इन्वेस्टमेंट स्कीम उन लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है, जो लॉन्ग टर्म के लिए निवेश में बने रहने से डरते हैं। स्कीम के प्रीमियम ऑफसेट फीचर से निवेश बीच में रुकना का जोखिम कम हो जाता है।
निश्चित रिटर्न और लाइफ कवर
टाटा AIA की इस योजना के तहत ग्राहकों को 6% से ज्यादा का आकर्षक आंतरिक प्रतिफल दर (IRR) के साथ निश्चित रिटर्न भी मिलेगा। फॉर्च्यून गारंटी सुप्रीम केवल एक सेविंग स्कीम नहीं है, बल्कि यह एक 'नॉन-लिंक्ड और नॉन-पार्टिसिपेटिंग' लाइफ इंश्योरेंस स्कीम है। इसका मतलब है कि इस पर मार्केट के उतार-चढ़ाव का कोई असर नहीं पड़ता। पॉलिसी की पूरी अवधि के दौरान बीमित व्यक्ति को लाइफ कवर मिलता है, जो किसी भी दुर्घटना की स्थिति में परिवार को आर्थिक मदद देता है।
मैच्योरिटी पूरी होने पर नहीं लगेगा टैक्स
इसके अलावा, टाटा AIA की फॉर्च्यून गारंटी सुप्रीम योजना पर जमा किए गए प्रीमियम पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत छूट भी मिलती है। यानी स्कीम की मैच्योरिटी पूरी होने पर मिलने वाली रकम या लाइफ कवर पर धारा 10(10D) के तहत को टैक्स नहीं देना होगा।