Travel Insurance: अगर आपने छुट्टी की प्लानिंग की है और अचानक आपकी फ्लाइट एयरपोर्ट बंद होने की वजह से कैंसिल हो जाती है, तो सबसे पहले दिमाग में यही सवाल आता है कि क्या ट्रैवल इंश्योरेंस से नुकसान की भरपाई हो पाएगी? जवाब है – हां, लेकिन शर्तों के साथ भरपाई होती है। हर ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी अलग होती है, इसलिए यह जानना जरूरी है कि आपकी पॉलिसी किन परिस्थितियों में क्लेम की इजाजत देती है। इस बीच टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने नए आंकड़े जारी किए हैं, जिसमें बताया गया है कि किस तरह के क्लेम लोगों ने किए हैं।
अगर एयरपोर्ट बंद होने की वजह प्राकृतिक आपदा है जैसे भूकंप, बर्फबारी, तूफान या भारी बारिश, तो ज़्यादातर ट्रैवल इंश्योरेंस कंपनियां इस स्थिति में फ्लाइट कैंसिलेशन को कवर करती हैं। इसके अलावा अगर सरकार की ओर से किसी इमरजेंसी के चलते एयरपोर्ट को बंद कर दिया जाए, जैसे लॉकडाउन, सुरक्षा कारण या तकनीकी गड़बड़ी, तो भी बीमा कंपनियां क्लेम स्वीकार कर सकती हैं। कुछ पॉलिसी में ‘ट्रिप कैंसिलेशन’ और ‘ट्रिप इंटरप्शन’ का फायदा भी होता है। इसका मतलब है कि अगर आपकी यात्रा शुरू होने से पहले रद्द होती है या बीच में ही रुक जाती है, तो उस स्थिति में खर्च की भरपाई की जा सकती है।
टाटा एआईजी ने जारी किए आंकड़े
Tata AIG की ओर क्लेम के आंकड़े जारी किए गए हैं। इसमें बताया गया है कि सामान पहुंचने में देरी और उड़ान में देरी की कुल यात्रा बीमा दावों का 23 फीसदी हिस्सेदारी है। कुल दावों में 55 प्रतिशत हिस्सेदारी मेडिकल इमरजेंसी आपात स्थितियों की है, जिनमें आउट पेशेंट उपचार और अस्पताल में भर्ती (इन पेशेंट) होने की जरूरत शामिल हैं। इससे पता चलता है कि स्वास्थ्य संबंधी जोखिम की दावे काफी अहम हैं। ये आकंड़े 2024 और 2025 के बीच के हैं।
किस महीने सबसे ज्यादा लोगों ले लिए ट्रैवल इंश्योरेंस
रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल, मई और जून यात्रा पॉलिसी खरीदने के लिहाज से सबसे व्यस्त महीने रहते हैं। इस दौरान सबसे ज्यादा लोगों ने इंश्योरेंस कराया। 24 से 45 साल की उम्र के लोगों ने सबसे ज्यादा ट्रैवल इंश्योरेंस लिया।
जानिए क्लेम कैसे करें?
अगर आपकी फ्लाइट कैंसिल हो जाती है, तो सबसे पहले एयरलाइन से कैंसिलेशन का लिखित प्रूफ लें। इसके बाद अपने ट्रैवल इंश्योरेंस प्रोवाइडर को तुरंत सूचित करें। फिर सभी जरूरी डॉक्युमेंट्स जमा करें जैसे टिकट, रसीदें, बोर्डिंग पास और कारण की जानकारी।