Tax Free Countries: किसी भी देश की आय का मुख्य जरिया टैक्स होता है। सिर्फ भारत की ही बात करें तो यहां इनकम टैक्स को लोगों की कमाई के अनुसार लगाया जाता है। यानी जो लोग कम कमाते हैं। उन्हें कम टैक्स देना होता है। देश में इनकम टैक्स की सबसे ऊंची दर 39 फीसदी है। दुनिया के कई देशों में टैक्स का रेट भारत से कम है जबकि कई देशों में ज्यादा है। दुनिया के कुछ ऐसे देश हैं, जहां टैक्स नहीं लगता है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि आखिर इन देशों की अर्थव्यवस्था कैसे चलती होगी?
जिन देशों में टैक्स नहीं लगता है, उनमें सबसे ज्यादा खाड़ी देश शामिल हैं। इसके अलावा यूरोपीय और अफ्रीकी देश भी इस लिस्ट में शामिल हैं। खास बात है कि अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी और चीन जैसे बड़े और शक्तिशाली देशों में इनकम टैक्स वसूला जाता है तो फिर इन देशों में यह छूट क्यों मिलती है। आइये आपको बताते हैं इसके पीछे की खास वजह
यूएई
दुनिया की डायरेक्ट टैक्स मुक्त इकोनॉमी वाले देशों पर नजर डालें, तो इसमें पहले नंबर पर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का नाम आता है। देश में जनता से किसी भी तरह का कोई टैक्स नहीं लिया जाता है। इसके बजाय, सरकार अप्रत्यक्ष करों जैसे वैट (वैल्यू एडेड टैक्स) और अन्य शुल्कों पर निर्भर करती है। UAE Economy तेल और टूरिज्म की वजह से काफी मजबूत है। इसी वजह से यूएई में लोगों को इनकम टैक्स से राहत दी गई है।
बहरीन
खाड़ी देश बहरीन में भी नागरिको को किसी भी तरह का टैक्स नहीं देना पड़ता। यहां भी कमाई किसी भी तरह के टैक्स देने की जरूरत नहीं पड़ती। बेहरीन में सरकार की ओर से जनता से टैक्स नहीं लिया जाता है।
कुवैत
कुवैत भी टैक्स फ्री देशों की लिस्ट में शामिल है। यहां पर भी कोई व्यक्तिगत आयकर नहीं है। देश की इकोनॉमी पूरी तरह से तेल पर निर्भर है। यहां से सबसे ज्यादा तेल निर्यात किया जाता है। जिससे सरकार को डायरेक्ट टैक्स लेने की कोई जरूरत नहीं पड़ती है।
सऊदी अरब
सऊदी अरब ने भी अपनी जनता को टैक्स के जंजाल से पूरी तरह मुक्त रखा हुआ है। देश में डायरेक्ट टैक्स को खत्म किया जा चुका है। मतलब इस देश में लोगों को अपनी कमाई का एक भी हिस्सा टैक्स के तौर पर खर्च नहीं करना होता है। हालांकि, इस देश में भी अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था मजबूत है। इससे प्राप्त होने वाले पैसों से इकोनॉमी को बूस्ट मिलता है। इसकी गिनती भी समृद्ध अर्थव्यवस्थाओं में की जाती है।
द बहमास
पर्यटकों के लिए जन्नत कहा जाने वाला द बहमास देश वेस्टर्न हेमिस्फीयर में पड़ता है। इस देश की खास बात है कि यहां रहने वाले नागरिकों को इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता है।
ब्रुनेई
तेल के भंडार वाला ब्रुनेई इस्लामिक देश दुनिया के साउथ ईस्ट एशिया में स्थित है। यहां लोगों को किसी भी तरह का इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता है। वहीं, एक और खाड़ी देश ओमान में भी लोगों को इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता है। दरअसल ओमान में भी तेल और गैस के बड़े भंडार हैं।
कतर
ओमान, बहरीन और कुवैत की तरह कतर का भी ऐसा ही हाल है। कतर भी अपने ऑयल सेक्टर में काफी मजबूत है। यह देश बेशक छोटा है लेकिन यहां रहने वाले काफी अमीर हैं। यहां पर भी इनकम टैक्स नहीं वसूला जाता है।
मोनाको-नौरू
इस यूरोपीय देश में भी सरकार लोगों से इनकम टैक्स नहीं वसूलती है। दुनिया के सबसे छोटे द्वीप राष्ट, नौरू में भी लोगों से आयकर नहीं लिया जाता है।