Tax Saving Alert: वित्त वर्ष 2025-26 समाप्त होने में अब बहुत कम समय बचा है। ऐसे में जो टैक्सपेयर्स ओल्ड टैक्स रिजीम (old tax regime) के तहत टैक्स भरते हैं, उन्हें 31 मार्च से पहले कुछ जरूरी वित्तीय कदम उठाना चाहिए। समय रहते निवेश और भुगतान पूरा कर लेने से टैक्स में राहत मिल सकती है। वित्तीय सलाहकारों का कहना है कि अंतिम समय की जल्दबाजी से बचने के लिए जरूरी काम पहले ही निपटा लेना बेहतर रहता है, क्योंकि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर तकनीकी दिक्कतों की वजह से लेनदेन अगले वित्त वर्ष में दर्ज हो सकता है और टैक्स लाभ नहीं मिल पाता।
बाजार में निवेश के कई विकल्प मौजूद हैं, लेकिन सही चुनाव आपकी रिस्क क्षमता और भविष्य के लक्ष्यों पर निर्भर करता है। समय रहते निवेश न करने पर न सिर्फ आपको अधिक टैक्स देना पड़ सकता है, बल्कि आप वित्त वर्ष के अंत में मिलने वाले निवेश लाभों से भी बाहर हो सकते हैं।
पहले जांचें 80C की सीमा
सबसे पहले यह देखना जरूरी है कि इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत मिलने वाली 1.5 लाख रुपये तक की छूट में से कितना उपयोग हो चुका है। कई बार कर्मचारी भविष्य निधि यानी ईपीएफ, जीवन बीमा प्रीमियम या बच्चों की ट्यूशन फीस जैसी चीजें पहले से ही इस सीमा में शामिल हो जाती हैं। अगर इस सीमा में अभी कुछ राशि बाकी है तो उसे 31 मार्च से पहले मान्य निवेश विकल्पों में लगाकर पूरा किया जा सकता है।
ELSS में निवेश से टैक्स में मिलेगी छूट
इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम यानी ईएलएसएस म्यूचुअल फंड के जरिए टैक्स बचाने का एक लोकप्रिय तरीका है। इस योजना की खास बात यह है कि इसमें केवल तीन साल का लॉक इन पीरियड होता है, जो 80C की अन्य योजनाओं की तुलना में सबसे कम है। इसके अलावा इसमें ऑनलाइन निवेश की सुविधा भी उपलब्ध है, इसलिए इसे अंतिम समय में भी आसानी से चुना जा सकता है।
NPS से मिल सकता है अतिरिक्त फायदा
नेशनल पेंशन सिस्टम में निवेश करने वाले करदाताओं को अतिरिक्त टैक्स लाभ भी मिलता है। आयकर अधिनियम की धारा 80CCD(1B) के तहत 50 हजार रुपये तक की अतिरिक्त कटौती का लाभ लिया जा सकता है। यह छूट 80C की 1.5 लाख रुपये की सीमा से अलग होती है, इसलिए यह टैक्स बचत का एक अतिरिक्त अवसर प्रदान करती है।
लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस का सुरक्षा कवच
- जीवन बीमा का प्रीमियम 80C के तहत कवर होता है। वहीं हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर धारा 80D के तहत अतिरिक्त छूट मिलती है।
- खुद के और परिवार के लिए ₹25,000 और वरिष्ठ नागरिक माता-पिता के लिए ₹50,000 तक के प्रीमियम पर आप टैक्स बचा सकते हैं।
- यह न सिर्फ आपका टैक्स बचाता है, बल्कि मेडिकल इमरजेंसी के समय आपकी बचत को भी सुरक्षित रखता है।
- 31 मार्च तक नया बीमा लेकर या प्रीमियम भरकर आप अपनी कर योग्य आय को और कम कर सकते हैं।
नौकरीपेशा लोग ध्यान दें
ज्यादातर कंपनियों में HR विभाग मार्च की सैलरी प्रोसेस करने से पहले आपसे इन्वेस्टमेंट के डॉक्यूमेंट मांगता है। यदि आपने LIC की रसीद, रेंट एग्रीमेंट या बच्चों की ट्यूशन फीस की रसीदें जमा नहीं की हैं, तो आपके एम्प्लॉयर द्वारा भारी TDS काटा जा सकता है। एक बार TDS कट जाने पर, आपको रिफंड के लिए लंबा इंतजार करना होगा।