Tenant Rights in India: अगर आपने कभी किराए पर मकान दिया हो या फिर आप कभी किराए पर रहे हैं, तो आपने कभी न कभी ये जरूर सुना होगा कि अगर कोई 10 साल तक एक ही मकान में रह जाता है, तो वो मकान उसका हो जाता है। आज हम इसी दावे की सच्चाई बताने वाले हैं। आइए जानते हैं कि लोगों के बीच वायरल होने वाला ये दावा कितना सच है।
लाखों किरायेदारों के बीच यह अफवाह तेजी से फैल रही है, लेकिन कानूनी तौर पर ये पूरी तरह गलत है। Rent Control Act या किसी अन्य कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो लंबे समय तक किराए पर रहने मात्र से आपको मालिकाना हक दे दे। आइए, हर कंफ्यूजन दूर करते हैं।
पुराने Rent Control Act का सच
भारत के कई राज्यों में 1940-50 के दशक का Rent Control Act अभी भी लागू है, जैसे महाराष्ट्र, दिल्ली और पश्चिम बंगाल में। इस कानून के तहत किरायेदार को आसानी से बेदखल नहीं किया जा सकता।इसके अलावा किराया भी बहुत कम बढ़ाया जा सकता है, लेकिन उस एक्ट में भी कभी ये नहीं लिखा था कि मकान का मालिकाना हक ट्रांसफर हो जाता है।
मकान खाली करवाने के लिए चाहिए 2 महीने का नोटिस
वहीं अब नया Model Tenancy Act 2021 आ गया है। इसमें किरायेदारों की सुरक्षा की बात की गई है। हालांकि इसमें भी मालिकाना हक का कोई जिक्र नहीं है। ये एक्ट अभी 10 से अधिक राज्यों में लागू हो चुका है। इसमें बताया गया कि किराया 10% सालाना से ज्यादा नहीं बढ़ सकता। इसके अलावा बेदखली के नियम भी साफ है, कोई भी मकान मालिक 2 महीने का नोटिस दिए बिना किरायेदार को नहीं निकाल सकता है।
क्या हैं किरायेदारों के असली हक?
- अगर आप घर किराए पर ले रहे हैं, तो मालिक आपसे सिर्फ 2 महीने का किराया ले सकता है। वहीं अगर आप पीजी ले रहे हैं, तो आपको सिर्फ 1 महीना का किराया एडवांस में देना होगा।
- किराए पर घर लेते वक्त हमेशा लिखित रेंट एग्रीमेंट बनवा लें और स्टांप ड्यूटी लगाकर रजिस्टर करवाएं।
- अगर मकान मालिक बिना वजह निकालने की कोशिश करे,तो आप कोर्ट जा सकते हैं।
- हर महीने किराया रसीद लें और डिजिटल रिकॉर्ड रखें।
- अगर आप किरायेदार हैं, तो फटाफट रेंट एग्रीमेंट चेक करें। ज्यादा जानकारी के लिए Model Tenancy Act पढ़ें या लोकल टेनेंसी कोर्ट से संपर्क करें।
नोट- अगर आप किसी प्रॉपर्टी में 10 साल से भी ज्यादा रहते है, तो भी आपको उस प्रॉपर्टी का मालिकाना हक नहीं मिल सकता है।