Term Insurance Vs Traditional Life Insurance: आज के समय में जीवन बीमा बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। बीमारी के समय इसकी अहमियत सबसे ज्यादा बढ़ जाती है। जीवन बीमा योजनाएं कई तरह की होती हैं। बाजार में कई तरह की इंश्योरेंस पॉलिसी मौजूद हैं। जैसे - टर्म, एंडोमेंट, मनी-बैक, होल-लाइफ, यूनिट-लिंक्ड, चाइल्ड प्लान, आदि। बीमा पॉलिसी खरीदने से पहले उसके बारे में जान लेना जरूरी हो जाता है। आइए टर्म इंश्योरेंस और ट्रेडिशनल लाइफ इंश्योरेंस के बीच अंतर और इनके फायदे-नुकसान के बारे में जानते हैं।
टर्म इंश्योरेंस क्या है?
इकोनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, यह एक तरह का सुरक्षा जीवन बीमा होता है, जो कि सिर्फ मृत्यु के जोखिम को कवर करता है। इस इंश्योरेंस में बीमा करा चुके व्यक्ति की मृत्यु पर उसके लाभार्थियों को एकमुश्त राशि दी जाती है। यदि वह पॉलिसी अवधि तक जीवित रहता है, तो उसे कोई मैच्योरिटी मनी नहीं मिलती है।
ऐसे टर्म प्लांस में प्रीमियम आमतौर पर कम होता है। टर्म इंश्योरेंस प्लान में मिलने वाली डेथ बेनेफिट की राशि लाइफ इंश्योरेंस प्लान में मिलने वाले मैच्योरिटी बेनेफिट के मुकाबले कहीं ज्यादा है। हालांकि, ज्यादातर जानकार डेथ के साथ मैच्योरिटी पर रिटर्न के फायदे के लिए लाइफ इंश्योरेंस प्लान लेने की सलाह देते हैं।
ट्रेडिशनल प्लान क्या है?
एक ट्रेडिशनल इंश्योरेंस प्लान में मृत्यु के जोखिम को भी कवर किया जाता है। लाभार्थी को एकमुश्त राशि मिलती है। इसमेंलाभार्थियों को या बीमाधारक को यदि वह अवधि तक जीवित रहता है तो मैच्योरिटी मनी मिलती है। इस तरह के प्लान में प्रीमियम बहुत अधिक है। क्योंकि इसमें मृत्यु और मैच्योरिटी लाभ दोनों ही बढ़ाने की जरूरत होती है।
प्रीमियम की राशि
अगर व्यक्ति लाइफ इंश्योरेंस में ज्यादा कवरेज चाहता है, तो उसे ज्यादा प्रीमियम देना होगा। इसलिए ज्यादा प्रीमियम की वजह से लोगों को पर्याप्त कवरेज नहीं मिल पाता है। इसके अलावा लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी में कम रिटर्न (5 से 7 फीसदी) मिलता है। वहीं पॉलिसी को बीच में बंद करने पर और घट जाता है। दूसरी तरफ, टर्म इंश्योरेंस प्लान कहीं ज्यादा किफायती हैं और इनमें बहुत कम कीमत पर ज्यादा कवरेज मिलता है।