धड़ाधड़ लॉन्च हो रहे हैं थीमैटिक फंड्स, क्या इस म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहिए?

Tips for Thematic Funds: म्यूचुअल फंड्स की स्कीम लॉन्चिंग मेनू में थीमैटिक फंड्स सबसे ऊपर हैं। लेकिन आकंड़े बताते हैं कि निवेशकों में थीमैटिक फंड्स के प्रति रुचि लगातार घट रही है। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि एक्सपर्ट्स क्या सलाह देते हैं।

Naveen Kumar Pandey
पब्लिश्ड12 Nov 2025, 06:18 PM IST
थिमैटिक फंड्स में निवेश के टिप्स।
थिमैटिक फंड्स में निवेश के टिप्स।(Mint)

MF Investment Strategy: म्यूचुअल फंड हाउस तरह-तरह की स्कीमें लॉन्च करते रहते हैं। थीमैटिक फंड भी इनमें से एक है। म्यूचुअल फंड हाउस नए-नए थीमैटिक फंड्स लॉन्च तो कर रहे हैं, लेकिन निवेशकों में इसके प्रति रुचि घट रही है। अक्टूबर 2025 तक 12 महीनों में थीमैटिक न्यू फंड ऑफर्स (NFOs) से जुटाई गई पूंजी में पिछले वर्ष की तुलना में 52% की गिरावट आई, जो लगभग 33,712 करोड़ रुपये थी।

थीमैटिक और सेक्टोरल फंड्स का हाल खस्ता

कुल NFO कलेक्शन में थीमैटिक और सेक्टोरल फंड्स का हिस्सा पिछले वर्ष के 62% से घटकर 42% हो गया। पिछले वर्ष लॉन्च किए गए 60% से अधिक एक्टिव थीमैटिक फंड्स ने अक्टूबर 2025 तक छह महीनों में अपने संबंधित बेंचमार्क से कम प्रदर्शन किया है। फिर भी थीमैटिक और सेक्टोरल NFOs की लॉन्चिंग की गति लगभग समान रही। इस वर्ष 45 नए फंड लॉन्च किए गए जो पिछले वर्ष की संख्या 44 से एक अधिक ही है। मौजूदा थीमैटिक और सेक्टोरल फंड्स में शुद्ध प्रवाह में 58% की गिरावट आई, जो 1.4 लाख करोड़ रुपये से घटकर 58,317 करोड़ रुपये हो गया।

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अन्य फंड श्रेणियों में नेट इन्फ्लो (अक्टूबर 2025 तक 12 महीनों में)

लार्ज कैप फंड्स: 26,883 करोड़ रुपये (पिछले वर्ष की तुलना में 80.7% की वृद्धि)

मिड कैप फंड्स: 51,252 करोड़ रुपये (पिछले वर्ष की तुलना में 70.7% की वृद्धि)

स्मॉल कैप फंड्स: 52,869 करोड़ रुपये (पिछले वर्ष की तुलना में 51.7% की वृद्धि)

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निवेशकों की रुचि नहीं, फिर भी थीमैटिक फंड्स क्यों आ रहे?

नियामक प्रतिबंधों के कारण म्यूचुअल फंड्स को लार्ज-कैप और मिड-कैप जैसी श्रेणियों में एक से अधिक स्कीम रखने की अनुमति नहीं है। हालांकि, यह प्रतिबंध थीमैटिक फंड्स, सेक्टोरल फंड्स और इंडेक्स फंड्स पर लागू नहीं होता है। यह AMCs को नए निवेशकों को आकर्षित करने के लिए स्पेशल थीम या सेक्टर पर केंद्रित स्कीम बनाने के लिए प्रेरित करता है। थीमैटिक फंड्स को AMCs के लिए डिस्ट्रीब्यूटर्स को प्रोत्साहित करने और एसेट्स प्राप्त करने का एक प्रभावी तरीका माना जाता है।

थीमैटिक फंड्स के लिए क्या है एक्सपर्ट्स की राय

विशेषज्ञ थीमैटिक फंड्स में निवेश करने के खिलाफ सलाह देते हैं क्योंकि वे अक्सर एक कहानी पर आधारित होते हैं। सहज मनी के संस्थापक और मुख्य निवेश सलाहकार अभिषेक कुमार का कहना है कि निवेशकों को दीर्घकालिक निवेश पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। वो कहते हैं कि निवेश का मुख्य उद्देश्य विविधता लाना है, न कि उसे सीमित करना।

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निवेश के गुर समझने वाले क्या करें और नए निवेशक क्या?

वहीं, ब्रोकिंग फर्म वेंचुरा के निदेशक जुजेर गबाजीवाला कहते हैं कि तेज-तर्रार निवेशकों के लिए थीमैटिक एक्सपोजर को एक स्ट्रैटिजिक एलोकेशन के रूप में देखा जाना चाहिए, जो कुल इक्विटी पोर्टफोलियो के एक छोटे हिस्से यानी 5 से 10 प्रतिशत तक सीमित हो। तो नए निवेशक क्या करें? एक्सपर्ट्स नए निवेशकों को अलग-अलग स्कीमों में ही निवेश करने की सलाह देते हैं।

Disclaimer: यह लेख सिर्फ जानकारी के लिए है। निवेश से जुड़ा निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। मिंट हिंदी आपके किसी भी निवेश निर्णय से जुड़े परिणामों के लिए जिम्मेदार नहीं है।

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