सरकार ने अब ऐसा नियम बना दिया है जिससे आप दौड़े-भागे टोल फी का बकाया चुकाने को मजबूर हो जाएंगे। नए नियम के अनुसार अगर आप पर टोल फी ड्यू है तो उसे क्लियर किए बिना कई तरह की समस्याएं होंगी। इनमें वाहनों के फिटनेस सर्टिकेट बनवाने से लेकर उन्हें बेचने तक में बाधाएं शामिल हैं। केंद्र सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने नए नियम का नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है।
टोल प्लाजा को बैरियर फ्री बनाने जा रही है मोदी सरकार
दअसल केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार एनएच पर मल्टि-लेन फ्री फ्लो सिस्टम लागू करने जा रही है जहां टोल फी वसूलने के लिए कोई बैरियर नहीं होंगे। ऐसे में जिस वाहन का फास्टैग रिचार्ज नहीं होगा या उसमें पर्याप्त पैसे नहीं होंगे, उन्हें कोई रोकने वाला तो नहीं होगा, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में टोल फी का बकाया दर्ज हो जाएगा।
टोल नहीं दिया तो कदम-कदम पर परेशानी
द हिंदू बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, नितिन गडकरी के मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026 में वाहन संबंधी कई सेवाओं को सीधे टोल पेमेंट से जोड़ दिया है। मंत्रालय ने ऐसा राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों को यूजर फी का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए किया है।
इस संबंध में कानूनी संशोधनों को सेंट्रल मोटर वेहिकल्स रूल्स, 1986 में शामिल कर लिया गया है। संशोधित नियमों अब उपयोगकर्ता शुल्क बकाया (अनपेड यूजर फी) की परिभाषा बताई गई है। इसके मुताबिक, अनपेड यूजर फी वो है जो नेशनल हाइवे पर लगे इलेक्ट्रॉनिक कलेक्शन सिस्टम में रिकॉर्ड हुई है, लेकिन नेशनल हाइवेज एक्ट, 1956 के अनुसार निर्धारित शुल्क का भुगतान नहीं हुआ है।
टोल फी चुकाने पर ही मिलेंगे ये सुविधाएं
नए नियमों के तहत अगर आपकी गाड़ी पर टोल भी का बकाया है तो निम्नलिखित समस्याएं आएंगी। इनमें से कोई भी काम की जरूरत पड़ी तो बकाया टोल भी भरनी ही होगी।
1. वाहन का मालिकाना हक (ओनरशिप) बदलने के लिए जरूरी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा।
2. वाहन का रजिस्ट्रेशन एक राज्य से दूसरे राज्य में ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा।
3. फिटनेस सर्टिफिकेट रीन्यू नहीं होगा।
4. कमर्शियल वेहिकल्स को नैशनल परमिट नहीं मिल पाएंगे।
बदल गया फॉर्म 28
द हिंदू बिजनेसलाइन की खबर में बताया गया है कि नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट के लिए भरे जाने वाले फॉर्म 28 में भी इसी के अनुरूप बदलाव कर दिया गया है। वाहन का मालिकाना हक दूसरे राज्य या जिले में ट्रांसफर करवाने के लिए फॉर्म 28 भरा जाना अनिवार्य होता है। इस फॉर्म में यह बताना जरूरी होता है कि संबंधित वाहन पर कोई टैक्स या चालान लंबित नहीं है और ना ही कोई कानूनी लफड़ा है। अब इसमें यह भी विस्तार से बताना होगा कि क्या वाहन पर कोई टोल फी तो बकाया नहीं है।
टोल प्लाजा पर खत्म होंगे विवाद, घटेगी सरकार की लागत
नए नियम के तहत फॉर्म 28 के यह भाग निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल से ही जारी होगा। नोटिफिकेशन में साफ कहा गया है कि नए नियम मल्टि-लेन फ्री फ्लो सिस्टम के लागू होने के बाद यूजर फी कलेक्शन पर लागू होंगे। इस मल्टि-लेन फ्री फ्लो सिस्टम बैरियर के बिना टोल कलेक्शन किया जाएगा। इससे टोल प्लाजा पर विवाद और कई बार मारपीट की नौबत नहीं आएगी। दूसरी तरफ, टोल कलेक्शन की लागत भी बहुत घट जाएगी क्योंकि वहां बेहद कम कर्मचारियों की जरूरत रह जाएगी।