
Mutual Funds: आजकल हर कोई ऐसे इनवेस्टमेंट ऑप्शन की तलाश में रहता है, जो सुरक्षित हो और भविष्य में पैसों की टेंशन से राहत दे। म्यूचुअल फंड एक ऐसा विकल्प है, जहां आपका पैसा एक्सपर्ट्स के हाथ में होता है। वे इस पैसे को अच्छे शेयरों में लगाकर इसे बढ़ाते हैं। खास तौर पर Actively Managed Diversified Equity Mutual Funds, जिन्हें अनुभवी फंड मैनेजर्स चलाते हैं और ये लॉन्ग टर्म में शानदार रिटर्न दे सकते हैं।
48 वर्षीय सौरभ जैन, जो स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक में मैनेजिंग डायरेक्टर और हेड (वेल्थ मैनेजमेंट एंड एफ्लुएंट क्लाइंट सेगमेंट) हैं, इन्हीं म्यूचुअल फंड्स में निवेश करके अच्छी दौलत बना चुके हैं। वे निवेश का एक बड़ा हिस्सा एक्टिवली मैनेज्ड डाइवर्सिफाइड इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में लगाते हैं।
लाइवमिंट संग बातचीत में सौरभ जैन ने अपनी इस फाइनेंशियल स्ट्रैटेजी के बारे में बताया। सौरभ कहते हैं कि उन्होंने अपने पैसे का सबसे बड़ा हिस्सा एक्टिवली मैनेज्ड डाइवर्सिफाइड इक्विटी फंड्स में लगाया है। उन्होंने 8-10 ऐसे फंड्स में निवेश कर रखा है जो अलग-अलग सेक्टर्स में फैले हुए हैं, ताकि रिस्क कम हो और रिटर्न बेहतर मिले। उनका मानना है कि लॉन्ग टर्म में कामयाबी के लिए बाजार में बने रहना ज्यादा जरूरी है, बजाय इसके कि आप बार-बार एंट्री और एग्जिट की टाइमिंग ढूंढते रहें।
अगर उनके पोर्टफोलियो की बात करें तो उनका इन्वेस्टमेंट 63% इक्विटी, 35% डेट और 2% कैश में बंटा हुआ है। इक्विटी हिस्से में 82% म्यूचुअल फंड्स में और 18% डायरेक्ट स्टॉक्स में लगाया गया है। डेट इन्वेस्टमेंट में सबसे ज्यादा हिस्सा EPF में है, साथ ही PPF और बेटी के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में भी निवेश किया है। सौरभ का निवेश तरीका बेहद सीधा और संतुलित है। उनका कहना है कि वो पोर्टफोलियो में ज्यादा फेरबदल नहीं करते, साल भर में उनकी इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी में बदलाव 5% से भी कम होता है।
सीधे शब्दों में कहें तो डाइवर्सिफाइड इक्विटी फंड एक ऐसा निवेश फंड होता है जो शेयर बाजार में अलग-अलग सेक्टर और साइज की कंपनियों में पैसा लगाता है, यानी बड़ी, मंझोली और छोटी कंपनियों में। इसका मकसद होता है कि अगर एक सेक्टर में नुकसान हो भी रहा हो, तो बाकी सेक्टर्स से मुनाफा मिल जाए। ये फंड आमतौर पर ULIP (यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान), म्यूचुअल फंड और दूसरी निवेश कंपनियों के जरिए मिलते हैं।
ये फंड लार्ज, मिड और स्मॉल कैप, तीनों तरह की कंपनियों में और अलग-अलग सेक्टर्स में निवेश करता है, जैसे कि बैंकिंग, टेक्नोलॉजी, FMCG, हेल्थकेयर आदि। इसका फायदा ये है कि ये किसी एक इंडस्ट्री पर निर्भर नहीं रहता। अगर एक सेक्टर में गिरावट आए भी, तो बाकी सेक्टर्स का ग्रोथ निवेशक को नुकसान से बचा सकता है।
चलिए जानते हैं देश के टॉप 10 एक्टिवली मैनेज्ड डाइवर्सिफाइड इक्विटी म्यूचुअल फंड्स क्या हैं और इनमें कैसे निवेश करें?
अगर आप ऐसे फंड की तलाश में हैं जो मिड साइज कंपनियों में निवेश करे और लंबे वक्त में बढ़िया रिटर्न दे, तो HDFC का ये म्यूचुअल फंड बेहतरीन ऑप्शन है। इसमें ₹100 के निवेश से शुरुआत कर सकते हैं, चाहे SIP हो या एकमुश्त।
AUM (कुल निवेश): ₹79,717 करोड़
1 साल का रिटर्न: 8.6%
3 साल का औसतन रिटर्न: 33.18%
5 साल का औसतन रिटर्न: 32.88%
बेंचमार्क: Nifty Midcap 150 से लगातार बेहतर प्रदर्शन
इस फंड की खासियत इसकी डायवर्सिफिकेशन रणनीति है। यानी ये सिर्फ एक या दो सेक्टर पर निर्भर नहीं करता, जिससे रिस्क कम होता है और मुनाफा ज्यादा।
Bandhan Small Cap Fund में छोटे शेयर्स में निवेश किया जाता है, जो समय के साथ बड़ा रिटर्न दे सकते हैं।
AUM: ₹12,981 करोड़
1 साल का रिटर्न: 5.7%
3 साल का औसतन रिटर्न: 32.2%
5 साल का औसतन रिटर्न: 36.29%
इसमें न्यूनतम निवेश ₹1,000 (lump sum) / ₹100 (SIP) से कर सकते हैं। यह फंड उन कंपनियों में निवेश करता है जिन्हें अभी बाजार में ज्यादा लोग नहीं जानते, लेकिन जिनका ग्रोथ पोटेंशियल काफी ज्यादा होता है।
Motilal Oswal का ये फंड मिडकैप शेयर्स में अच्छी रिसर्च के साथ निवेश करता है।
AUM: ₹33,053 करोड़
1 साल का रिटर्न: 2.7%
3 साल का औसतन रिटर्न: 30.35%
5 साल का औसतन रिटर्न: 36.36%
न्यूनतम निवेश: ₹500 (SIP और Lumpsum दोनों)
इस फंड को ऐसे फंड मैनेजर्स संभालते हैं जिनका ट्रैक रिकॉर्ड काफी मजबूत है।
SBI का यह फंड लार्ज, मिड और स्मॉल कैप तीनों तरह की कंपनियों में निवेश करता है। यह लॉन्ग टर्म निवेश के लिए एक संतुलित विकल्प है।
AUM: ₹29,667 करोड़
1 साल का रिटर्न: 6.3%
3 साल का औसतन रिटर्न: 30.65%
5 साल का औसतन रिटर्न: 29.03%
न्यूनतम निवेश: ₹500 (SIP और Lumpsum दोनों)
अगर आप मार्केट की उठापटक से डरते नहीं और धैर्य रख सकते हैं, तो ये फंड आपके लिए एक मजबूत चॉइस है।
Franklin का ये फंड इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े शेयर्स में निवेश करता है, यानी वो कंपनियां जो देश के विकास में सीधे जुड़ी हैं।
AUM: ₹2,968 करोड़
1 साल का रिटर्न: -3.8% (हां, थोड़ा निगेटिव, लेकिन लॉन्ग टर्म में मजबूत)
3 साल का औसतन रिटर्न: 30.47%
5 साल का औसतन रिटर्न: 34.52%
न्यूनतम निवेश: ₹5,000 (Lumpsum) / ₹500 (SIP)
अगर आप इंडिया ग्रोथ स्टोरी में यकीन रखते हैं, तो ये फंड आपकी पॉकेट के लिए एकदम फिट हो सकता है।
इस फंड की सबसे बड़ी खासियत है कि ये सिर्फ 30 कंपनियों में निवेश करता है। यानी फंड मैनेजर पूरी रिसर्च के साथ चुनिंदा स्टॉक्स में पैसा लगाते हैं।
AUM: ₹4,153 करोड़
1 साल का रिटर्न: 7.6%
3 साल का औसतन रिटर्न: 33.60%
5 साल का औसतन रिटर्न: 26.46%
न्यूनतम निवेश: ₹1,000 (Lumpsum) / ₹500 (SIP)
जिन लोगों को ज्यादा डाइवर्सिफिकेशन पसंद नहीं और फोकस्ड अप्रोच चाहिए, उनके लिए यह बढ़िया ऑप्शन है।
Edelweiss का ये फंड मिड-साइज कंपनियों में बैलेंस तरीके से निवेश करता है और जोखिम को काबू में रखकर रिटर्न दिलाने की कोशिश करता है।
AUM: ₹10,988 करोड़
1 साल का रिटर्न: 4.2%
3 साल का औसतन रिटर्न: 26.59%
5 साल का औसतन रिटर्न: 32.75%
न्यूनतम निवेश: ₹100 (SIP और Lumpsum दोनों)
ये उन निवेशकों के लिए है जो ना ज्यादा रिस्क लेना चाहते हैं और ना ही रिटर्न में समझौता।
इस फंड की खासियत है कि ये बड़े और मिड कैप दोनों तरह की कंपनियों में निवेश करता है। इससे आपको ग्रोथ और स्टेबिलिटी दोनों मिलती है।
AUM: ₹11,816 करोड़
1 साल का रिटर्न: 10.1%
3 साल का औसतन रिटर्न: 29.81%
5 साल का औसतन रिटर्न: 30.59%
न्यूनतम निवेश: ₹500 (SIP और Lumpsum दोनों)
अगर आप चाहते हैं कि आपका पैसा धीरे-धीरे और सुरक्षित बढ़े, तो ये आपके लिए है।
कोरोना के बाद हेल्थ सेक्टर पर निवेशकों का भरोसा बढ़ा है, और SBI का ये फंड उसी सेक्टर पर फोकस करता है।
AUM: ₹3,849 करोड़
1 साल का रिटर्न: 14.2%
3 साल का औसतन रिटर्न: 28.4%
5 साल का औसतन रिटर्न: 22.91%
न्यूनतम निवेश: ₹5,000 (Lumpsum) / ₹500 (SIP)
जिन्हें सेक्टर-थीमैटिक फंड्स में विश्वास है और हेल्थकेयर में ग्रोथ दिखती है, उनके लिए ये एकदम सही फंड है।
इस फंड ने छोटे शेयर्स में निवेश करके जबरदस्त प्रदर्शन किया है। लेकिन इसमें रिस्क थोड़ा ज्यादा है।
AUM: ₹7,424 करोड़
1 साल का रिटर्न: 4.7%
3 साल का औसतन रिटर्न: 27.68%
5 साल का औसतन रिटर्न: 34.09%
न्यूनतम निवेश: ₹1,000 (Lumpsum) / ₹500 (SIP)
अगर आप थोड़ा रिस्क उठा सकते हैं, तो ये फंड आपके पैसों को दोगुना-तिगुना करने का दम रखते हैं।
अगर आप लॉन्ग टर्म सोचते हैं और पैसे को सिर्फ सेविंग्स अकाउंट में नहीं डालना चाहते, तो ये म्यूचुअल फंड्स आपके लिए बेस्ट ऑप्शन हो सकते हैं। SIP से ₹100 या ₹500 से शुरू कर सकते हैं और धीरे-धीरे अपने पैसे को बड़ा बना सकते हैं।
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