What is ToR: केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग का इंतजार कर रहे केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को दीवाली के बाद बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने 8वें वेतन आयोग के लिए ToR को मंजूरी दे दी है। इसके बाद अब आयोग इस पर आधिकारिक तौर पर काम शुरू कर देगा, जिससे देशभर के 50 लाख से अधिक कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनर्स को सीधा फायदा होगा।
क्या होता है ToR?
8वें वेतन आयोग के लिए ToR मेन कड़ी है। इसके बिना 8वें वेतन आयोग का काम आगे बढ़ ही नहीं सकता था। दरअसल ToR(Terms of Reference) किसी आयोग के लिए एक दिशानिर्देश होता है, जो यह तय करता है कि आयोग किन बिंदुओं पर विचार करेगा। 8वें वेतन आयोग के लिए ToR के जरिए वेतन, भत्ते, पेंशन, फिटमेंट फैक्टर, और अन्य लाभों की समीक्षा के लिए नियम और दायरा तय किया जाएगा। इसके लिए जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है।
कितना बढ़ेगा वेतन?
8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को लेकर चर्चा जोरों पर है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यदि फिटमेंट फैक्टर को 2.86 तक बढ़ाया जाता है, तो मौजूदा ₹25,000 की बेसिक सैलरी बढ़कर ₹71,500 तक पहुंच सकती है। वहीं, यदि फिटमेंट फैक्टर 1.83 रखा गया, तो वही सैलरी ₹32,940 तक ही पहुंचेगी। फिलहाल, आयोग 1.92 से 2.86 के बीच फिटमेंट फैक्टर तय करने पर विचार कर रहा है।
पेंशन हो सकती है 3 गुना
वहीं अगर अगर किसी की मौजूदा बेसिक पेंशन ₹9,000 है, तो वही पेंशन 8वें वेतन आयोग के बाद बढ़कर ₹25,740 हो सकती है। केंद्र सरकार ने आयोग को अपनी सिफारिशें 18 महीने के भीतर सौंपने को कहा है। अगर सब कुछ तय समय पर हुआ, तो 1 जनवरी 2026 से नया वेतनमान लागू किया जा सकता है।